योग बदल देगा आपका डीएनए, साइंस ने भी की पुष्टि

कई लोग योग और ध्यान के सकारात्मक प्रभाव की बात करते हैं और मानते हैं कि यह उनके समग्र जीवन के बदलाव को अंजाम देता है। मगर, क्या इन दावों का समर्थन करने के लिए कोई वैज्ञानिक आधार भी है। फ्रंटियर्स इन इम्यूनोलॉजी में प्रकाशित एक नए अध्ययन के अनुसार, इसका जवाब हां हो सकता है।
शोधकर्ताओं ने पिछले 11 वर्षों में प्रकाशित 18 अध्ययनों की जांच की, जिसमें 800 लोगों के बारे में जानकारी शामिल थी। शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला है कि मन-शरीर के तालमेल (MBI) करने वाली गतिविधियों जैसे योग, ध्यान, और ताई ची वास्तव में शरीर के जीनों को प्रभावित करती हैं। इन गतिविधियों के सकारात्मक लाभ में आणविक स्तर पर तनाव और संबंधित लक्षणों में कमी होती है।
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कोवेंट्री यूनिवर्सिटी की पीएचडी की छात्रा और अध्ययन की प्रमुख लेखक इवाना ब्यूरिक ने कहा कि ये गतिविधियां हमारे सेल्स में मॉलिकुलर सिग्नेचर छोड़ती हैं। इससे तनाव और एंजाइटी के कारण हमारे शरीर के जीन में होने वाले प्रभाव रिवर्स हो जाते हैं। सीधी भाषा में कहें, तो MBI हमारे दिमाग में डीएनए प्रॉसेस को ऐसे चलाता है, जिससे हमारी सेहत में सुधार होता है।
खासतौर पर, MBI जीन एक्टिविटी को प्रभावित करने में सक्षम है। हेल्थलाइन के साथ एक साक्षात्कार के दौरान ब्यूरिक ने कहा कि हम योग या मेडिटेशन करते हैं। हम स्थितियों को अलग तरीके से करना सीखते हैं और इसके साथ ही कम तनाव का अनुभव भी करते हैं। इससे इनफ्लेमैट्री प्रोटीन्स का उत्पादन बंद हो जाता है।





