योगी सरकार ने सपा की योजनाओ पर लगाया रोक, अब श्रमिकों को नही मिलेगी साइकिल

दरअसल, समाजवादी सरकार में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपनी पार्टी के चुनाव चिन्ह साइकिल को लोगों तक पहुंचाने के मकसद से बिल्डर की साइटों पर काम करने वाले श्रमिकों को साइकिल वितरित की जाती थीं।
यह ऐसे श्रमिकों को ही दी जाती थीं जो श्रम विभाग में रजिस्टर्ड हाें तथा कम से कम छह माह तक उसने काम किया हो। श्रम विभाग की ओर से दी जाने वाली साइकिल पर पहले 3000 रुपये खर्च किए जाते थे। जिसे बाद में 3500 रुपये कर दिया गया था।
हालांकि श्रम मंत्री प्रदेश के सभी श्रम विभाग के आला अफसरों की बैठक लखनऊ में 12 अप्रैल को ले रहे हैं। उसमें ही निर्णय लिया जाएगा कि किन-किन योजनाओं को चलाया जाएगा और किन-किन योजना को बंद किया जाएगा।
कयास लगाए जा रहे हैं कि साइकिल सपा सरकार का चुनाव चिन्ह हैं और इससे श्रमिकों को बहुत लाभ भी नहीं है। दरअसल,भाजपा की सरकार आने के बाद सबसे पहले पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश की फोटो लगे राशनकार्ड को बदलने का निर्णय लिया गया था।
भाजपा नेताओं का मानना है कि इस तरह की योजनाएं और कार्य बंद किए जाएंगे जो किसी पार्टी विशेष से प्रेरित है। इसके अलावा भी इस तरह की सभी विभागों की योजनाओं को चिन्हित किया जा रहा है।
भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की ओर से आदेश मिला है कि बिल्डर साइट पर श्रमिकों को वितरित की जाने वाली साइकिल पर रोक लगा दी है। आदेश का पालन करते हुए तत्काल इस योजना को अग्रिम आदेश तक बंद कर दिया है।-बीके रॉय, उपश्रमायुक्त गौतमबुद्घनगर





