योगी सरकार ने अफसरों को दी बड़ी चेतावनी कहा… यूपी में रहना है तो…

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे परियोजना (Delhi Meerut Expressway Project) में गड़बड़ी के लिए योगी सरकार ने दो आईएएस अफसरों (2 IAS Officers) गाजियाबाद के पूर्व डीएम विमल कुमार शर्मा (Vimal Kumar Sharma) और निधि केसरवानी (Nidhi Kesarwani) सहित 6 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं.

इस मामले में जांच बाद में सीबीआई या अन्य किसी एजेंसी से भी कराई जा सकती है. उधर योगी सरकार के प्रवक्ता और प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा (Shrikant Sharma) ने इस संबंध में कहा कि यह केंद्र और प्रदेश दोनों सरकार की महत्वपूर्ण योजना थी. जिन अधिकारियों ने घपला किया है, उनके खिलाफ सरकार कार्रवाई कर रही है.
जरूरत पड़ी तो कराएंगे सीबीआई जांच
श्रीकांत शर्मा ने कहा कि मेरठ के तत्कालीन मंडलायुक्त प्रभात कुमार ने इसमें सीबीआई जांच की भी संस्तुति की है. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ेगी तो सीबीआई जांच भी कराएंगे. 2 आईएएस अफसरों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश हुआ है. हम पूरे मसले की जांच करा रहे हैं, जिसको यूपी में रहना है, उसको ईमानदारी से काम करना होगा नहीं तो जेल जाना पड़ेगा.
बता दें कि गाजियाबाद के ग्राम डासना, रसूलपुर, सिकरोड, कुशलिया और नाहल में अधिग्रहित भूमि के संबंध में शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिसकी तत्कालीन कमिश्नर, मेरठ प्रभात कुमार द्वारा जांच की गई थी.





