यूपी हेल्थ अलर्ट: लखनऊ में फैल रहा है स्वाइन फ्लू, ऐसे बरतें सावधानी

मच्छरों का लार्वा मिलने के बाद स्वाइन फ्लू भी केजीएमयू में फैल गया है। दो और हॉस्टल में मेडिकल छात्राएं संक्रमण की जद में आ गई है। दोनों छात्रओं की जांच केजीएमयू के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक बुद्धा व विजय लक्ष्मी हॉस्टल की दो छात्रओं को संक्रमण हो गया है। इसके अलावा पीजीआई परिसर के दो कर्मचारी संक्रमण की जद में आ गए हैं।

जानकीपुरम निवासी 23 साल की छात्र, निरालानगर में 36 साल के डॉक्टर संक्रमण की चपेट में आ गए हैं। डॉक्टर के परिवार के तीन सदस्य पहले ही स्वाइन फ्लू की गिरफ्त में हैं। पीजीआई इलाके में 65 साल की महिला, महानगर के बुजुर्ग 65, राजाजीपुरम की 7 साल की बच्ची, चारबाग इलाके में 32 साल व 54 साल की महिला स्वाइन फ्लू से पीड़ित हैं। एलडीए कॉलोनी कानपुर रोड की 11 माह की मासूम, कैसरबाग के 70 साल के वृद्ध, गोमती नगर का 9 साल के बच्चे में एन1एच1 वायरस की पुष्टि हुई है।
स्वाइन फ्लू से बचने के लिए आयुर्वेद में कई कारगर दवाएं मौजूद हैं। आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह पर इन दवाओं के सेवन से बीमारी नहीं होगी। यदि संक्रमण हो गया तो भी ठीक हो जाएगा। लोहिया अस्पताल में आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. एसके पांडेय का कहना है कि गिलोय के काढ़ा सुबह और शाम को पीने से शरीर में रोगों से लड़ने की ताकत पैदा होती है। लगातार इस काढ़े को पीने से स्वाइन फ्लू के अलावा दूसरे वायरल से बच सकते हैं। गिलोए का जूस भी फायदेमंद है।
राजकीय आयुर्वेद डिस्पेंसरी की डॉ. तृप्ति आर सिंह ने बताया कि शीतोप्लादी चूर्ण, अदरक और शहद में मिलाकर खाना भी फायदेमंद है। डॉक्टर की सलाह के हिसाब से इसका सेवन किया जाना चाहिए। इससे भी स्वाइन फ्लू से बच सकते हैं। दूध में हल्दी मिलाकर पीएं: विवेकानंद हॉस्पिटल में आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. विजय सेठ ने बताया कि स्वाइन फ्लू से बचने के लिए एक गिलास गुनगुने दूध में चम्मच भर हल्दी मिलाकर पिएं। इससे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी।
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बरतें सावधानी
स्वाइन फ्लू से घबराने की जरूरत नहीं है। यह मर्ज सामान्य फ्लू की तरह होता है। इस बीमारी से छुटकारा पाने के लिए केवल घर पर आराम करने की जरूरत है। गुनगुना पानी नीबू मिलाकर खूब पीएं। बीमारी पांच से सात दिन में ठीक हो सकती है। आईएमए के अध्यक्ष डॉ. पीके गुप्ता के मुताबिक स्वाइन फ्लू की चपेट में आने से शरीर में खून का बहाव प्रभावित हो जाता है। खून गाढ़ा होने से ऑक्सीजन की मात्र कम हो जाती है।
इससे दिल और दिमाग को पर्याप्त खून नहीं पहुंचता। परेशानी बढ़ने पर अंग काम करना बंद कर देते हैं। लिहाजा बीमारी का पता लगते ही संजीदा हो जाना चाहिए। इसमें मरीज अलग जगह व एकांत में रहकर आराम करे। पानी में नीबू मिलाने से शरीर को विटमिन सी मिलता है। इससे शरीर में रोगों से लड़ने की ताकत बढ़ती है। जो मर्ज को जल्द ठीक करने में मदद करता है।बार-बार सर्दी वाले रहें सतर्क: ऐसे लोगों को अधिक संजीदा रहने की जरूरत है जो बार-बार सर्दी, जुकाम, बुखार की चपेट में रहते हैं।





