यूपी के गोरखपुर में ऑक्सीजन की कमी से 30 बच्चों की हुई मौत, सीएम योगी दें इस्तीफा…

गोरखपुर के सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से हुई 30 बच्चों की मौत पर अब राजनीति शुरू हो गई है. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के कहने पर चार कांग्रेसी नेता गोरखपुर का दौरा करेंगे.

गुलाम नबी आजाद, राज बब्बर, संजय सिंह और प्रमोद तिवारी गोरखपुर जाएंगे. इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह और चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन भी गोरखपुर जाएंगे. थोड़ी देर में होंगे रवाना. सीएम के साथ दोनों मांत्रियों की बैठक हुई है. वहां से आने के बाद दोनों मंत्री सीएम को घटना की पूरी रिपोर्ट देंगे.
ये घटना गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज की है, जहां मरने वालों में 13 बच्चे एनएनयू वार्ड और 17 इंसेफेलाइटिस वार्ड में भर्ती थे. बताया जा रहा है कि 69 लाख रुपये का भुगतान न होने की वजह से ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली फर्म ने ऑक्सीजन की सप्लाई गुरुवार की रात से ठप कर दी थी. खबरों के मुताबिक पिछले 5 दिनों में 60 बच्चों की मौत हो चुकी है. हालांकि अस्पताल प्रशासन ने ऑक्सीजन की कमी से इंकार किया है.

घटना पर केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि जो घटना हुई है बहुत ही दुखद है. परिवारों के प्रति मेरी पूरी संवेदना है. सरकार ने इस विषय को गंभीरता से लिया है और केंद्र सरकार ने इसकी चर्चा की है कि ऐसे दोबारा घटना ना घटे. ऑक्सीजन की जो कमी हुई है उस मामले की जांच होनी चाहिए और कार्रवाई होनी चाहिए.
हालांकि कार्रवाई से बच्चे तो वापस नहीं आ सकते हैं. लेकिन ऐसी घटना ना हो ये सुनिश्चित किया जाए. सरकार का जो धर्म बनता है वह सरकार करे लेकिन उसके पीछे कारण क्या है वह जांच में पता चलेगा. सरकार कारण पता लगाए.
इस्तीफा दें सीएम योगी
कांग्रेस नेता महाबल मिश्रा ने मुख्यमंत्री से लेकर स्वास्थ्य मंत्री तक का इस्तीफा मांगा है. महाबल मिश्रा ने कहा कि यह कुशासन है. 30 बच्चों की मौत हो गई है. इसकी पूरी तरह से जांच होनी चाहिए और जो दोषी हैं उनके खिलाफ कार्रवाई हो. योगी और मोदी इतनी बड़ी-बड़ी बातें करते रहते हैं और अस्पतालों में ऑक्सीजन नहीं है. नैतिकता के आधार पर योगीजी को खुद इस्तीफा देना चाहिए. केंद्र से लेकर राज्य तक भाषण और दबाव की राजनीति चल रही है. जातिगत राजनीति चल रही है और जमीनी स्तर पर यह घटना बयां कर रही है कि कोई काम नहीं हो रहा है.
यह भी पढ़ें: विपक्षी पार्टियों की बैठक में पहुंचे मनमोहन-सोनिया, ममता समेत कई बडें नेता
मामले को तूल पकड़ने के बाद सरकार की ओर से इस मामले पर सफाई आई है. जारी बयान में कहा गया है कि ऑक्सीजन की कमी के कारण किसी रोगी की मौत नहीं हुई है. मेडिकल कॉलेज में भर्ती 7 मरीजों की विभिन्न चिकित्सीय कारणों से 11 अगस्त को मृत्यु हुई. घटना की मजिस्ट्रेटियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं. वहीं डीएम ने 5 सदस्यीय टीम गठिक की जो कि आज अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.

राजनीति हुई शुरू
वहीं बच्चों की मौत ने अब राजनीतिक रंग ले लिया हैं. विपक्ष ने मामले पर योगी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है. अखिलेश यादव ने ट्वीट किया है कि गोरखपुर मे ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की दर्दनाक मौत, सरकार ज़िम्मेदार. कठोर कार्रवाई हो, 20-20 लाख का मुआवज़ा दे सरकार. वहीं राहुल गांधी का ट्वीट आया कि बीजेपी सरकार इसके लिए जिम्मेदार हैं. लापरवाही बरतने वालों को सजा मिलनी चाहिए. बीएसपी की ओर किए गए ट्वीट में लिखा गया कि योगी सरकार को बर्खास्त कर देना चाहिए और स्वास्थ मंत्री समेत हॉस्पिटल के स्टॉफ को जेल भेज देना चाहिए





