यूके ने माल्या को सौंपने से किया इन्कार,सरकार की मुश्किलें बढ़ीं

नई दिल्ली। बैंक लोन धोखाधड़ी मामले में यूके में बैठे विजय माल्या को भारत लाने की कोशिशों को तगड़ा झटका लगा है। यूके ने माल्या को भारत को सौंपने से इन्कार कर दिया है। भारत सरकार ने ब्रिटिश हाई कमिशन को पत्र लिखकर माल्या के प्रत्यार्पण की मांग की थी।
इस बारे में बात करते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि मंत्रालय ने पत्र लिखा था कि माल्या के खिलाफ मनी लॉन्डरिंग एक्ट 2002 के तहत हो रही जांच में माल्या की मौजूदगी सुरक्षित की जा सकती है।
इसके जवाब में यूके सरकार ने हमें लिखा है कि 1971 के इमिग्रेशन एक्ट के तहत यूके में रहने के लिए किसी व्यक्ति के पास वेलिड पासपोर्ट होना जरूरी नहीं है। विकास स्वरूप ने कहा कि इसके बावजूद यूके सरकार ने भारत सरकार से आपसी कानूनी सहायता या प्रत्यार्पण के बारे में सोचने की बात कही है। मालूम हो कि पिछले महीने माल्या का पासपोर्ट रद्द कर दिया गया था।
माल्या भारत में मनी लॉन्डरिंग के अलावा बैंक लोन मामले में भी वांटेड है। विकास स्वरूप ने आगे कहा कि यूके भारत सरकार की मदद के लिए तैयार है उन्होंने आपसी सहयोग और प्रत्यार्पण पर सोचने की बात कही है।





