यश ठाकुर को नहीं मिली जमानत, जानें क्या है मामला

लखनऊ/ विधि संवाददाता। दिनदहाड़े डरपोक गोली मारकर उसकी कार लूटने के आरोपी यथार्थ सिंह उर्फ यश ठाकुर उर्फ आर्यन की जमानत अर्जी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विशेष न्यायाधीश कृष्ण कुमार ने खारिज कर दी है।
जमानत अर्जी का विरोध करते हुए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार यादव का तर्क था की गत 21 अप्रैल को थाना सुशांत गोल्फ सिटी में वादिनी अर्चना यादव ने रिपोर्ट दर्ज करा कर कहा था कि उसके पति चौधरी खेड़ा अपने भाई के यहां गए थे जब वह बाहर निकल कर गाड़ी के पास चहल कदमी कर रहे थे तभी दो मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति आए और डॉ विजय कुमार सिंह से गाड़ी की चाबी व मोबाइल फोन छीनने का प्रयास करने लगे। कहा गया है कि जब वाली के पति ने विरोध किया तो अभियुक्तों ने उनके पैर में गोली मार दी तथा मोबाइल व गाड़ी छीन ली। गाड़ी छीनने के बाद सभी लोग भाग गए घटना के बाद पुलिस ने नाकाबंदी करके अभियुक्तों को गिरफ्तार किया तथा उनके पास से मोबाइल एवं लूटी हुई कार बरामद की।
अदालत ने पक्षकारों को सुनने के बाद कहां है कि अभियुक्त का अपराध गंभीर प्रकृति का है तथा उसके द्वारा एक चिकित्सक के ऊपर कातिलाना हमला करके उसकी कार लूटी है लिहाजा जमानत का कोई आधार नहीं है।

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