अभी-अभी BSP नेता मोहम्मद शमी को बदमाशों ने घर के सामने मारी गोली


मूल रूप से दुबाही गांव निवासी 65 वर्षीय मोहम्मद शमी चार बार मऊआइमा के ब्लाक प्रमुख रहे। तीन बार वह विधानसभा चुनाव भी लड़े। 2002 में वह कुंडा विधानसभा क्षेत्र से राजा भैया के खिलाफ भी चुनाव मैदान में उतरे थे। ट्रक लूट समेत कई आपराधिक मामलों में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था। पिछला ब्लाक प्रमुख चुनाव हारने के बाद शमी बसपा से जुड़ गए थे। उन्होंने मऊआइमा थाने से कुछ दूर पर सुल्तानपुर खास गांव में कार्यालय और मकान बना रखा था। ज्यादातर वह इसी मकान में ठहरते थे।
उनका परिचित मुश्ताक गोलियों की आवाज सुनकर आया तो उसे अंधेरे में दो-तीन बदमाश दिखे। उसे देख असलहे लहराते हुए बदमाश पीछे खेत की तरफ भाग गए। हल्ला मचा तो वहां भीड़ जुटने लगी। सीओ सोरांव आलोक मिश्र कई थानों की पुलिस के साथ पहुंच गए थे। सिर, सीने, पेट पर पांच गोलियां धंसने से पूर्व ब्लाक प्रमुख शमी की मौत हो चुकी थी।
हत्या की जानकारी पाकर उनके परिजन और तमाम समर्थक भी जुट गए। इलाके में तनाव का माहौल बन गया। एसपी गंगापार मुन्नालाल और एसपी यमुनापार अशोक कुमार भी पुलिस बल के साथ आ गए मगर लोगों ने कह दिया कि डीएम-एसएसपी आकर कातिलों की गिरफ्तारी तथा परिवार का सुरक्षा का भरोसा दें तभी शमी का शव उठाने दिया जाएगा। भीड़ ने अफसरों से धक्कामुक्की भी की।





