मुख्यमंत्री ने क्यों कहा- सिलेंडर न मिले तो डीसी-विधायक के घर से उठा ले जाना


अपनी इस बात को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का भाव सिस्टम में सुधार करना है। अगर सिस्टम सही होगा तो जनता तक सरकार की योजनाएं आसानी से पहुंच सकेंगी। सरकार ने उज्जवला स्कीम के माध्यम से लाखों लोगों के घर तक गैस सिलेंडर पहुंचाया। ये सिस्टम आपके नेता, जिलों के अफसर बनाएंगे। इसी तरह मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार का एक और काम गिनाया। उन्होंने कहा कि भाजपा का एक कार्यकर्ता उनके पास आया और बोला कि हमारे गांव के श्मशान का रास्ता पक्का करा दो। किसी का अंतिम संस्कार करना हो तो श्मशान तक पहुंचना आसान नहीं होता। रास्ता कच्चा होता है। श्मशान की चारदीवारी नहीं होती। पानी तक का इंतजाम नहीं है। तब मैंने अफसरों को बुलाया और पूछा कि इस गांव में कितना खर्च आएगा, तब 25 से 30 लाख का बजट बना। मैंने कहा, एक गांव क्यों, पूरे हरियाणा में क्यों नहीं सुधार हो सकता। तब पूरा बजट 700 करोड़ बना। मैं इस मंच से कह सकता हूं कि इस नवंबर के अंत तक कोई श्मशान ऐसा नहीं रहेगा, जहां चारदीवारी न हो। हर जगह पानी के इंतजाम होंगे और रास्ता भी पक्का होगा।
पानीपत रैली में मौजूद जनता।
आप खुली कालोनी में मकान बनाओ
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने अवैध कालोनियों को नियमित किया है। इससे पहले कि सरकार में इन कालोनियों के घरों पर तलवार लटकी रहती थी। कब बुलडोजर इन्हें गिरा देगा, कोई कह नहीं सकता था। अगर कोई कालोनी किसी कारण बस गई तो उसे उजाड़ तो नहीं सकते न। अब हमने इस समस्या का समाधान भी निकाल लिया है। बिल्डर को लाइसेंस देना आसान कर दिया है। आप दीन दयाल उपाध्याय आवास योजना के तहत यहां अपना घर बना सकते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सब्सिडी मिलती है। खुली कालोनी में घर बनाएं।





