इंदौर. बीएसएफ के इंदौर सेंटर के चार शूटर्स ने अमेरिका के लॉस एंजिलिस में आयोजित वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में देश के लिए सात गोल्ड सहित 15 पदक जीतकर इतिहास रच दिया। 1985 से इन गेम्स की शुरुआत हुई थी। तब से भारत इसमें एक भी मेडल नहीं जीत पाया था। शूटर्स सोमवार को इंदौर आए, जहां इनका जोरदार स्वागत किया गया। खास बात यह है कि इनमें से एक शूटर्स की राइफल मुकाबले से पहले खराब हो गई थी। फिर भी उन्होंने अपने हमवतन साथी और एक अमेरिकी शूटर की राइफल लेकर दो ब्रॉन्ज मेडल जीते।
बीएसएफ के कमांडेंट, शूटिंग कोच व अंतरराष्ट्रीय शूटर नवल सिंह ने बताया कि यहां ट्रेनिंग ले रहे पांच शूटर्स का चयन 6 से 16 अगस्त तक हुए पुलिस एंड फायर गेम्स के लिए हुआ था। इन गेम्स के 32 साल के इतिहास में पहली बार एक साथ पांच शूटर्स चयनित हुए थे। इससे पहले 1989 में यानी 28 साल पहले बीएसएफ के शूटर मुराद खान चयनित हुए थे। हालांकि वे कोई पदक नहीं जीत पाए थे। इस बार इन शूटर्स में से चार ने 15 मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाया है।
… तो गोल्ड मेडल जीतते
इन मुकाबलों में दो ब्रॉन्ज पदक जीतने वाले कांस्टेबल सुशील कुमार ने ‘भास्कर’ से चर्चा में बताया कि मुकाबलों से ठीक पहले उनकी राइफल खराब हो गई थी। इसके कारण वे एक कॉम्पीटिशन में एक अमेरिकी और भारतीय शूटर की राइफलें लेकर उतरे और दो पदक जीते। उन्होंने कहा कि यदि उनकी रायफल खराब नहीं होती तो निश्चित तौर पर वे भी देश के लिए गोल्ड मेडल जीतते।
अब कॉमनवेल्थ और ओलिंपिक में भी पदक की तैयारी
हमारे शूटर्स ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बीएसएफ के साथ ही पूरे देश का नाम रोशन किया है। पहली बार मुकाबलों के लिए एक साथ पांच का चयन होना और उनमें से चार शूटर्स द्वारा 15 पदक जीतना बड़ी उपलब्धि है। अब हमारे शूटर्स आने वाले कॉमनवेल्थ और ओलिंपिक मुकाबलों की तैयारी करेंगे और वहां भी देश के लिए पदक जीतेंगे।