मनोहर लाल ने कहा- सुशासन देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सुशासन देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रख कर सरकार काफी कुछ जनता के हित में कर रही है। इसे लेकर शासन का दृष्टिकोण भी स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के चीफ मिनिस्टर गुड गवर्नेंस एसोसिएट्स (सीएमजीजीए) मॉडल की देश भर में प्रशंसा हो रही है। मुख्यमंत्री ने यह बातें शनिवार को सीएमजीजीए प्रोग्राम के दूसरे बैच (2017-18) के विदाई कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।मनोहर लाल ने कहा- सुशासन देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है

जिला स्तर पर सीएमजीजीए नियुक्त किए गए

यह कार्यक्रम गुरुग्राम में राजकीय स्वर्ण जयंती लोक निर्माण विभाग (भवन एवं मार्ग) विश्राम गृह के कांफ्रेंस रूम में आयोजित किया गया। यहां सभी सीएमजीजीए ने अपने-अपने अनुभव एक दूसरे से साझा किए। अपनी टीम में काम करने का अवसर प्रदान करने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार भी जताया। प्रदेश में 25 दिसंबर, 2014 को सुशासन दिवस मनाया गया था। राज्य की जनता की सेवा के लिए जिला स्तर पर सीएमजीजीए नियुक्त किए गए।

‘मैं’ नहीं ‘हम’ की भावना

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की समस्याओं को दूर करना उनकी प्राथमिकताओं में से एक है। इसके साथ ही गर्वनेंस को किस प्रकार से बेहतर कर सकते हैं इस दिशा में प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने लोगों से कहा कि उन्हें यह जानकार काफी खुशी होगी कि सभी सीएमजीजीए की कार्यशैली की जनता, सरकार व प्रशासन के स्तर पर सराहना हो रही है। सीएमजीजीए के तौर पर काम करने वाले युवाओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी ने ‘मैं’ नहीं ‘हम’ की भावना के साथ टीमवर्क किया है, जो सराहनीय है।

युवा शक्ति में देश को आगे बढ़ाने की पूर्ण क्षमता

सीएम मनोहर लाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कॉर्पोरेट जगत को सरकार में काम करने का अवसर दिया है। आज की युवा शक्ति में देश को आगे बढ़ाने की पूर्ण क्षमता है। सीएम ने कहा कि अंत्योदय सरल, सक्षम हरियाणा, सीएम विंडो, हरपथ, एसएमजीटी, स्वच्छता एप, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सीसीटीएनएस, पुलिस कम्यूनिटी लायजनिंग, स्वच्छ भारत मिशन, आरटीए कार्यालय, ई-ऑफिस, पर्यावरण संरक्षण, जागृति आदि कार्यक्रमों को जमीनी स्तर पर सफलता से क्रियान्वित करने में सीएमजीजीए की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इस बार नए बैच के लिए 28,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए जबकि पिछले साल आवेदनों की संख्या 1900 रही थी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी सीएमजीजीए को अनुभव प्रमाण पत्र भी प्रदान किए। 

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