भ्रष्ट कर्मचारियों का पता लगाने के लिए बैंकों ने भेजे फर्जी ग्राहक

कर्मचारियों का नाम सामने आया। इसके बाद बैंकों ने अपने भ्रष्ट कर्मचारियों का पता लगाने के लिए कुछ लोगों को फर्जी ग्राहक बनाकर भेजा। इसके बाद कई चौंकाने वाले खुलासे हुए।

देश के बड़े बैंकों में से एक की ग्रामीण इलाके की एक ब्रांच में पिछले महीने ऐसा ही ग्राहक बैंक ने भेजा। ग्राहक ने बैंक कर्मचारी के सामने 50 प्रतिशत के कमीशन पर 5 लाख रुपए के पुराने नोट बदलवाने की डील सामने रखी और कर्मचारी तैयार भी हो गया, लेकिन बाद में उसकी सामत आ गयी जब उसे पता चला कि वो असल में ग्राहक नहीं है बल्कि बैंक द्वारा भेजा गया अधिकारी है।

निजी क्षेत्र की बैंके अपने इस तरह के बेईमान और भ्रष्ट अधिकारियों का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक एक्सपर्ट को ग्राहक बनाकर भेज रही हैं। इस तरह पकड़े गए बैंक कर्मचारियों को तुरंत नौकरी से हटाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। बैंकों ने ऐसे मामले की जांच में विशेषज्ञता रखने वाली और बैकग्राउंड का पता लगाने वाली फर्स्ट अडवांटेज, डेलॉयट, ईवाई, पीडब्ल्यूसी और केपीएमजी के फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स हायर किए और उनकी मदद ली है। 

इस तरह जांच को अंचाम दे रहे एक फोरेंसिक एक्सपर्ट ने एक अन्य न्यूज वेबसाइट को बताया कि वे अचानक से किसी कर्मचारियों को चुनते हैं और फिर जांच की जाती है। इसके अलावा यह भी पता लगाया जाता है कि पहले भी उस अधिकारी के खिलाफ कहीं कोई अधिकारिक मामला तो दर्ज नहीं हुआ है।

गौरतलब है कि पिछले दिनों कई बैंक कर्मचारी भ्रष्टाचार में लिप्त पाए गए। उन्होंने गलत तरीके से कई लोगों के पुराने नोटों को नए नोटों से बदला था। सरकार को इस बात का पता चलने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और निजी क्षेत्रों के कई बैंको पर आयकर विभाग ने छापमारी भी की गई थी।

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