भूल से भी सूर्य ग्रहण के दौरान न करें ये काम, वरना कभी नहीं…

देश के कुछ हिस्सों में आज वलयाकार दिखाई देगा. इसमें सूर्य अग्नि वलय की तरह दिखेगा. पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने कहा है कि ग्रहण का आंशिक रूप सुबह 9.16 बजे शुरू होगा. वलयाकार रूप सुबह 10.19 बजे शुरू होगा और यह दोपहर 2.02 बजे खत्म होगा. ग्रहण का आंशिक रूप दोपहर 3.04 बजे खत्म होगा.

गर्भवती महिलाओं को सूर्य ग्रहण के दौरान विशेष ख्याल रखना होता है. गर्भवती महिलाओं को ग्रहण काल में सब्जी काटने, शयन करने, पापड़ सेकने आदि उत्तेजक कार्यों से परहेज करना चाहिए और धार्मिक ग्रंथ का पाठ करते हुए खुद को खुश रखने की कोशिश करें. इससे होने वाली संतान स्वस्थ और गुणों से भरपूर होती है. ग्रहणकाल के दौरान गर्भवती महिलाओं को पेट पर गाय के गोबर का पतला लेप लगाना चाहिए और सुंदरकांड का पाठ करने की कोशिश करनी चाहिए.

इसके अलावा दूध, घी, तेल, पनीर, अचार, मुरब्बा और भोजन सामग्रियों में तिल, कुश या तुलसीपत्र डाल देने से ये ग्रहण काल में दूषित नहीं होते. सूखे खाद्य पदार्थों में तिल या कुश डालने की जरूरत नहीं है. 

गर्भवती महिलाओं को सूर्य ग्रहण के दौरान विशेष ख्याल रखना होता है. गर्भवती महिलाओं को ग्रहण काल में सब्जी काटने, शयन करने, पापड़ सेकने आदि उत्तेजक कार्यों से परहेज करना चाहिए और धार्मिक ग्रंथ का पाठ करते हुए खुद को खुश रखने की कोशिश करें. इससे होने वाली संतान स्वस्थ और गुणों से भरपूर होती है. ग्रहणकाल के दौरान गर्भवती महिलाओं को पेट पर गाय के गोबर का पतला लेप लगाना चाहिए और सुंदरकांड का पाठ करने की कोशिश करनी चाहिए.

इसके अलावा दूध, घी, तेल, पनीर, अचार, मुरब्बा और भोजन सामग्रियों में तिल, कुश या तुलसीपत्र डाल देने से ये ग्रहण काल में दूषित नहीं होते. सूखे खाद्य पदार्थों में तिल या कुश डालने की जरूरत नहीं है. 

सूर्य ग्रहण पर और क्या नहीं करना चाहिए-

ग्रहण के दौरान शुभ काम नहीं करना चाहिए
ग्रहण काल में खाना नहीं बनाना चाहिए
ग्रहण के दौरान भोजन नहीं करना चाहिए
ग्रहण के दौरान यात्रा पर नहीं निकलना चाहिए
ग्रहण काल में गर्भवती महिला को बाहर नहीं निकलना चाहिए
ग्रहण के बाद स्नान करना चाहिए
ग्रहण के बाद दान-पुण्य करना चाहिए

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