भारत ने फिर पाक को घेरा, आतंकवाद पर ऐसे खोली पोल

पाकिस्तान द्वारा दुनिया के जिस भी मंच पर जम्मू-कश्मीर का मसला उठाया जा रहा है भारत उसी जगह कड़ा जवाब दे रहा है. गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र में विदेश मंत्रालय की सेक्रेटरी (ईस्ट) विजय ठाकुर सिंह ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की प्रमुख मिशेल बैचलेट से मुलाकात की और जम्मू-कश्मीर के मसले पर ब्रीफ किया. इस दौरान पाकिस्तान के द्वारा किए जा रहे क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म के बारे में चिंता जताई.
विजय ठाकुर सिंह ने इस दौरान जम्मू-कश्मीर में किस तरह लगातार माहौल सामान्य होते जा रह है, इस बारे में जानकारी दी. हालांकि, इस दौरान भारत की ओर से ज्यादा जोर जम्मू-कश्मीर बॉर्डर पर पाकिस्तान की तरफ से किए जा रहे क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म के खिलाफ चिंता व्यक्त की.
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Secretary Vijay Thakur Singh met with UNHR High Commissioner @mbachelet in Geneva and briefed her on the steps taken towards gradual return to normalcy in J&K. Conveyed India’s concerns on the threat posed by cross border terrorism emanating from Pakistan. pic.twitter.com/eS9yMqtENF
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) September 12, 2019
आपको बता दें कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में जब पाकिस्तान की ओर से जम्मू-कश्मीर का मसला उठाया गया, तो विजय ठाकुर सिंह ने ही भारत की ओर से सख्त जवाब देते हुए पाकिस्तान की बोलती बंद कर दी. विजय ठाकुर सिंह ने अपने बयान में कहा था कि कश्मीर में पाकिस्तान समर्थक आतंकवादी माहौल को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं.
पाकिस्तान को आईना दिखाते हुए विजय ठाकुर सिंह ने UNHRC में कहा था कि जो देश हमें अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर ज्ञान दे रहे हैं, वह अपने देश में देखें कि क्या कर रह हैं. इस दौरा उन्होंने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर, बलूचिस्तान का मुद्दा भी उठाया.
दरअसल, सोमवार को मिशेल बैचलेट ने जम्मू-कश्मीर में लगी पाबंदियों पर चिंता जताई थी, जिसपर भारत की ओर से जवाब दिया गया है. भारत की ओर से विदेश मंत्रालय की सचिव (ईस्ट) विजय ठाकुर सिंह ने बताया है कि जम्मू-कश्मीर में जो पाबंदियां एहतियात के तौर पर लगाई गई थीं, वह अब धीरे-धीरे कम हो रही हैं.
वहीं बात अगर अनुच्छेद 370 पर फैसले की हो तो भारत ने साफ कर दिया है कि ये फैसला भारत का आंतरिक मुद्दा है और इसे भारतीय संसद ने संविधान के तहत पास किया है. ऐसे में कोई और देश इस मसले पर दखल ना दे तो बेहतर है.





