ब्लॉग: उजमा के नाम पाकिस्तान से आई एक चिट्ठी…


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पाकिस्तान में हर आदमी की दो-दो तीन-तीन बीवियां हैं। उन पर जी भरके जुल्म ढाया जाता है। अगर मैं वहां रह जाती तो या तो वे मुझे मार देते या बेच देते या फिर किसी आतंकवादी ऑपरेशन में इस्तेमाल कर लेते। मुझे डॉक्टर उजमा की किसी भी बात से कोई आपत्ति नहीं बल्कि मैं तो उनकी ऑबजर्वेशन से इतना प्रभावित हूं कि पूछो नहीं। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार डॉक्टर उजमा इस महीने की पहली तारीख को दिल्ली से वाघा अटारी के रास्ते पाकिस्तान पहुंची थीं।
तीन मई को ताहिर अली से उसके गांव में शादी हुई। पांच मई को यानी शादी के दो दिन बाद वो इस्लामाबाद के भारतीय उच्चायोग के दफ्तर पहुंच गईं। इसका मतलब ये हुआ कि वे अपने किसी रिश्तेदार से मिले बगैर सीधे ताहिर अली के गांव पहुंचीं। कोई तो उन्हें सीमा पर लेने आया होगा। अगले 48 घंटे में उनकी जबरदस्ती शादी भी हुई। मारपीट भी हुई। उन्हें यह भी पता चल गया कि पाकिस्तान में घर-घर औरत जाति के साथ क्या-क्या व्यवहार होता है और हर आदमी की कितनी-कितनी बीवियां हैं।
शायद वो पाकिस्तान की बजाय भारत जाकर डॉक्टर उजमा को तलाक देना या जान से मारना या बेचना या किसी हमले में इस्तेमाल करना चाह रहा हो। बहरहाल, कहानी जो भी हो, डॉक्टर उजमा खैरियत से घर पहुंच गईं और ताहिर अली को वीजा नहीं मिला।
उजमा ने वापसी के बाद मैडम सुषमा स्वराज के बगल में खड़े होकर कहा कि भारत सबसे अच्छा मुल्क है। यहां मुकम्मल आजादी है। मगर पाकिस्तान मौत का कुआं है। बात ये है कि हर इंसान को अपने देश से मोहब्बत होनी चाहिए, लेकिन अगर मुझे पाकिस्तान से मोहब्बत है तो इसका मतलब ये तो नहीं कि मुझे भारत से नफरत है।
मैं पाकिस्तान की तारीफ भारत के कीड़े निकाले बगैर भी तो कर सकता हूं। उजमा को सब पाकिस्तानी जालिम नजर आए। मगर सुषमा को उजमा का केस लड़ने वाला पाकिस्तानी वकील भी ऐसा नजर आया जैसे बाप, बेटी का केस लड़ता है। और इस्लामाबाद हाई कोर्ट का वो जज भी नजर आया जिसने इंसानियत के जज्बे के तहत उजमा को भारत जाने की इजाजत दे दी। और वो पाकिस्तानी फॉरेन ऑफिस और गृह मंत्रालय भी जिन्होंने सुषमा स्वराज के मुताबिक दोनों देशों के दरमियान चल रही दुश्मनी के बावजूद उजमा की वतन वापसी में अहम किरदार अदा किया।
इसका मतलब तो ये हुआ कि भारत और पाकिस्तान जितने बुरे हैं, उतने ही अच्छे भी हैं। सब नजर का खेल है। हम चाहें तो दुनिया को उजमा की नजर से देख सकते हैं और चाहें तो सुषमा की नजर से भी।





