बेईमान बैंककर्मियों और सरकारी अधिकारियों की अब खैर नहीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि नोटबंदी के क्रियान्वन दौरान कुछ बैंककर्मियों और सरकारी अधिकारियों ने भ्रष्टाचार किया और इसके लिए उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। मोदी ने नोटबंदी के बाद राष्ट्र के नाम अपने पहले संबोधन में नोटबंदी के सफल क्रियान्वन के लिए बैंककर्मियों के अथक परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने इस दौरान दिन-रात एक करके काम किया।
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हजारों महिला बैंक कर्मचारी भी देर रात तक रुककर इस अभियान में शामिल रही हैं। पोस्ट ऑफिस में काम करने वाले लोग, बैंक मित्र, सभी ने सराहनीय काम किया है। लेकिन इस भगीरथ प्रयास के बीच, कुछ बैंकों में कुछ लोगों के गंभीर अपराध भी सामने आए हैं। कहीं-कहीं सरकारी कर्मचारियों ने भी गंभीर अपराध किए हैं और आदतन फायदा उठाने का निर्लज्ज प्रयास भी हुआ है। इन लोगों बख्शा नहीं जाएगा।
कानून, कानून का काम करेगा
मोदी ने कहा कि कालेधन के खिलाफ इस लड़ाई की सफलता के कारण ये चर्चा बहुत स्वाभाविक है कि अब बेईमानों का क्या होगा, बेईमानों पर क्या बीतेगी, बेईमानों को क्या सजा होगी। उन्होंने कहा कि यह सरकार सज्जनों की मित्र है और दुर्जनों को सज्जनता के रास्ते पर लौटाने के लिए उपयुक्त वातावरण को तैयार करने के पक्ष में है। उन्होंने बेईमानों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि कानून, कानून का काम करेगा, पूरी कठोरता से करेगा। उन्होंने कहा कि यह कड़वा सत्य है कि लोगों को सरकार की व्यवस्थाओं, कुछ सरकारी अफसरों और लालफीताशाही से जुड़े कटु अनुभव होते रहते हैं।
नागरिकों से ज्यादा जिम्मेदारी अफसरों की
उन्होंने कहा कि इस कटु सत्य को नकारा नहीं जा सकता। इस बात से कौन इनकार कर सकता है कि नागरिकों से ज्यादा जिम्मेदारी अफसरों की है, सरकार में बैठे छोटे-बड़े व्यक्ति की है। चाहे वह केंद्र सरकार हो, राज्य सरकार हो या फिर स्थानीय निकाय, सबका दायित्व है कि सामान्य से सामान्य व्यक्ति के अधिकार की रक्षा हो, ईमानदारों की मदद हो और बेईमान अलग-थलग हो। मोदी ने साथ ही कहा कि सरकार के लिए लेकिन इस बात की भी प्राथमिकता है कि ईमानदारों को मदद कैसे मिले, सुरक्षा कैसे मिले, ईमानदारी की जिंदगी बिताने वालों की कठिनाई कैसे कम हो। ईमानदारी अधिक प्रतिष्ठित कैसे हो।





