बुरहान की बरसी पर हिंसा के लिए कश्मीर में महिला पत्थरबाजों को किया गया सक्रिय

बुरहान की पहली बरसी पर हिंसा के लिए महिला पत्थरबाजों को सक्रिय किया गया है। इनकी प्रत्येक जिले में टीमें बनाई गई हैं। स्कूल-कालेज में भी पत्थरबाज ग्रुप तैयार किए गए हैं। इन्हें ढाल के रूप में इस्तेमाल करने की साजिश है।
बुरहान की बरसी पर हिंसा के लिए कश्मीर में महिला पत्थरबाजों को किया गया सक्रिय
महिला पत्थरबाजों को सक्रिय करने की साजिश के इनपुट के बाद घाटी के सभी स्कूल-कालेजों को सात जुलाई से बंद रखा गया है, ताकि छात्र-छात्राओं को हिंसा से दूर रखा जा सके। व्यापक पैमाने पर हिंसा फैलाने तथा बड़े आतंकी हमले की साजिश के तहत भी आतंकी तंजीमें काम कर रही हैं।

बरसी पर आतंकियों की साजिश के साथ-साथ अलगाववादियों के सप्ताहव्यापी प्रदर्शन की कॉल ने सुरक्षा बलों की चुनौती दोहरी कर दी है। इस दौरान सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी कर व्यापक पैमाने पर हिंसा फैलाने और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने खासकर स्कूल-कालेजों को निशाना बनाने की साजिश है। 

कश्मीर में हाई अलर्ट पर सुरक्षाबल

पत्थरबाजों के गिरोहों को पहले से ही सक्रिय कर दिया गया है। गांव-गांव तक पत्थरबाजों की टीम को तैयार रखा गया है। किसी भी विपरीत परिस्थितियों में मस्जिदों से मदद के लिए घोषणा कर भीड़ जुटाने का भी खाका खींचा गया है।

पत्थरबाजी के लिहाज से खासकर श्रीनगर, बडगाम, अनंतनाग, पुलवामा, शोपियां, बारामुला तथा सोपोर को संवेदनशील माना गया है। दक्षिणी कश्मीर में अमरनाथ यात्रा के मार्ग पर आतंकियों की ओर से हमले का इनपुट मिला है।

अमरनाथ यात्रियों को निशाना बनाए जाने की आशंका में पूरे यात्रा मार्ग के साथ ही बेस कैंप तथा हाईवे पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सुरक्षा बलों के ठिकानों तथा प्रतिष्ठानों को भी अलर्ट पर रखा गया है। 

सुरक्षाबल अलर्ट: रैली की इजाजत नहीं, त्राल को रखा जाएगा सील
बुरहान की बरसी पर हिंसा की आशंका में सुरक्षाबलों को अलर्ट रखा गया है। किसी भी संगठन को रैली निकालने की इजाजत नहीं दी जाएगी। बुरहान के पैतृक आवास त्राल को सील रखा जाएगा, ताकि कोई भी वहां नहीं पहुंच सके। इसके साथ ही पत्थरबाजों पर भी निगरानी रहेगी। अलगाववादियों पर शिकंजा कसा जाएगा। महिला अलगाववादियों पर भी नजर रहेगी। कहा जा रहा है कि घाटी में मोबाइल इंटरनेट की स्पीड भी कम कर दी जाएगी, ताकि अफवाहें न फैल सकें। 

केंद्र की भी हालात पर पैनी नजर

केंद्र सरकार की भी घाटी के हालात पर पैनी नजर है। सूत्रों ने बताया कि गृह मंत्रालय लगातार राज्य सरकार के संपर्क में है। साथ ही बुरहान की बरसी पर किसी प्रकार की हिंसा न होने पाए, इसके लिए राज्य सरकार को सख्ती से पेश आने की हिदायत दी गई है। खासकर अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा पर किसी प्रकार की आंच न आने की हिदायत दी गई है। 
 
Back to top button