बुक्कल नवाब : हनुमान मुस्लिम नाम इसीलिए वे मुसलमान

बुक्कल नवाब ने सवालिया लहजे में पूछा कि, हिंदुओं में बताइए कितने नाम बजरंगबली से मिलते जुलते रखे जाते हैं। उन्होंने कहा, मुसलमानों के नाम ही रहमान, सुल्तान, इमरान, जीशान, रेहान जैसे होते है और उसी तरह हनुमान नाम भी मुसलमान का है।

मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव में स्टार प्रचारक बन भाजपा के लिए वोट मांगने पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हनुमान जी को दलित बताया था। इसके बाद से हनुमान जी को पहचान दिए जाने का सिलसिसा जारी है। अब भाजपा के एमएलसी बुक्कल नवाब ने बजरंगबली को मुस्लिम बताया है। उन्होंने मुस्लिमों में रखे जाने वाले नामों का उदारण भी दिया।
बीजेपी एमएलसी बुक्कल नवाब ने कहा कि, हनुमान जी की बात होती है, जाति धर्म में बांटने की। हनुमान जी पूरे विश्व के थे। वह हर धर्म के थे, हर मजहब के थे। वह हर धर्म के प्यारे थे। जहां तक मेरा मानना है, हनुमान जी मुसलमान थे। हनुमान जी के मुसलमान होने के कारण ही हमारे धर्म में रखे जाने वाले नाम उनके नाम से मिलते जुलते हैं। उन्होंने कहा, हनुमान जी की वजह से मुस्लिमों में रहमान, रमजान, फरमान और जीशान जैसे नाम रखे जाते हैं। बुक्कल नवाब ने सवालिया लहजे में पूछा कि, हिंदुओं में बताइए कितने नाम हनुमान जी से मिलते जुलते रखे जाते हैं। उन्होंने कहा, हनुमान जी से मिलते जुलते नाम सिर्फ मुस्लिमों में ही रखे जाते हैं।

#WATCH: BJP MLC Bukkal Nawab says “Hamara man’na hai Hanuman ji Muslaman theyy, isliye Musalmanon ke andar jo naam rakha jata hai Rehman, Ramzan, Farman, Zishan, Qurban jitne bhi naam rakhe jaate hain wo karib karib unhi par rakhe jaate hain.” pic.twitter.com/1CoBIl4fPv
— ANI (@ANI) December 20, 2018

बीते साल ही बुक्कल नवाब भाजपा में शामिल हुए थे। एमएलसी बनने के बाद बुक्कल नवाब ने लखनऊ के हजरतगंज में स्थित मशहूर हनुमान मंदिर गए और वहां पूजा-अर्चना भी की थी। इस दौरान बुक्कल नवाब भगवा रंग के कपड़ों में दिखाई दिए थे। उन्होंने मंदिर में तांबे का बड़ा घंटा भी दान दिया था। इस पर बुक्कल नवाब ने कहा था कि, कहा कि मुस्लिम होने के साथ ही मैं हनुमान भक्त भी हूं, भगवान राम की तरह भगवान हनुमान भी हमारे पूर्वज हैं।
बता दें कि, सीएम योगी द्वारा हनुमान जी को दलित और वंचित बताए जाने के बाद से इस मुद्दे पर विवाद शुरू हो गया था। योगी ने हनुमान जी को लेकर यह बयान मध्य प्रदेश में दिया था। इसके बाद अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्‍यक्ष नंद कुमार साय ने हनुमान जी को जनजाति का बताया था। इसके बाद मंदिरों पर दलितों दावा और हनुमान जी का जाति प्रमाण पत्र के प्रकरण सामने आए थे।

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