बिहार के नए गवर्नर सतपाल मलिक कभी स्कूल जाने के लिए लेते थे दूसरे की साइकिल का सहारा…
मेरठ. यूपी के बागपत जिले के हिसावदा गांव के रहने वाले सतपाल मलिक बिहार के नए गवर्नर बनाए गए हैं। गांव में खुशी का माहौल है। लोगों ने मिठाइयां बांटी-ढोल बजवाए। गर्वनर सतपाल मलिक के चाचा से बातचीत कर नए गवर्नर के बारे में कुछ इंटरेस्टिंग बातें जानने की कोशिश की।

पतंग उड़ाने के शौकीन थे सतपाल मलिक
– सतपाल मलिक के रिश्ते में चाचा लगने वाले चौधरी विरेंद्र सिंह ने बताया, सतपाल को बचपन में पतंग उड़ाने का शौक था। दशहरे के दिन गांव में पतंगबाजी होती थी, उस समय वो सुबह ही पतंग लेकर छत पर चढ़ जाते थे और दिनभर पतंगबाजी करते थे।
– यही नहीं, शाम के समय गांव के लड़कों के साथ वह मैदान में वॉलीबाल भी खेलते थे। उनका जीवन काफी संघर्ष पूर्ण रहा। 3 साल के थे, जब उनके पिता बुधसिंह की मौत हो गई। मां जुगनी देवी ने किसी तरह उनका लालन-पोषण किया।
– होश संभालने के बाद वो मां के साथ खेती-बाड़ी में हाथ बंटाने लगे। खुद चारा काटकर जानवरों को खिलाते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर थी।
– पास के ढिकौली गांव से इंटर तक की पढ़ाई पूरी की। स्कूल जाने के लिए भी दूसरे की साइकिल का सहारा लेते थे। मेरठ कॉलेज से LLB किया।
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कॉलेज लाइफ से ही हो गई थी राजनीति की शुरुआत
– चौधरी वीरेंद्र सिंह ने बताया, सतपाल मलिक ने राजनीति की शुरुआत मेरठ कॉलेज के छात्र संघ अध्यक्ष पद से की। साल 1975 में चौधरी चरण सिंह की पार्टी (लोकदल) से बागपत सीट से विधायक चुने गए।
– इसके बाद समाजवादी पार्टी से अलीगढ़ से सांसद बने। वीपी सिंह की सरकार में पर्यटन मंत्री भी रह चुके हैं। फिलहाल, लंबे समय से बीजेपी में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।





