बार्डर पर भारतीय सेना ने पाकिस्तान के 6 सैनिकों को किया ढेर

भारत-पाक सीमा पर पाकिस्तान को सीजफायर उल्लंघन करने पर भारी कीमत चुकानी पड़ी है। पाकिस्तान के सीजफायर उल्लघंन का करारा जवाब देते हुए भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई में छह पाक सैनिक मार गिराए। दो सैनिक घायल भी हुए हैं।

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गौरतलब है कि इससे पहले 14 नवंबर को भिंबर में सात पाक सैनिक मारे गए थे। एक दिन की शांति के बाद शनिवार को पाकिस्तान ने फिर एलओसी पर राजोरी जिले के नौशेरा और सुंदरबनी सेक्टर तथा जम्मू जिले के पलांवाला सेक्टर में भारतीय चौकियों के साथ ही रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया।
120 एमएम तक के मोर्टार के गोले दागे गए। गोलाबारी में नौशेरा सेक्टर में सेना और केरी सब सेक्टर में बीएसएफ का एक-एक जवान घायल हो गया।
नौशेरा सेक्टर में सुबह दस बजे के करीब कलसिया, नभ, कंडाली, गनया, सेर, मकड़ी क्षेत्रों में पाक सेना ने 120 एमएम के मोर्टार दागे। गोलाबारी में आठ सिख लाई के सिपाही काला सिंह घायल हो गए जिन्हें एयरलिफ्ट कर राजोरी के सेना अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मकड़ी गांव में महिला शांति देवी घायल हो गईं। इसके साथ ही कलसियां और मकड़ी में मोर्टार के गोले गिरने से कुछ घरों को नुकसान पहुंचा है। सीमावर्ती क्षेत्रों के आसपास स्थित स्कूलों में छुट्टी की घोषणा कर दी गई।
 सुंदरबनी क्षेत्र के केरी सब सेक्टर में भी पाकिस्तानी सेना ने 120 एमएम के मोर्टार दागे। यहां बीएसएफ के 126 बटालियन के जवान ललटू सिंह घायल हो गए। उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दोपहर तकरीबन दो बजे पाकिस्तान की ओर से भारी हथियारों के साथ भारतीय क्षेत्र की चांद, सूरज, तारा से लेकर महादेव तक की जीओसी 1, 2, 3 सभी चौकियों पर 120 एमएम के मोर्टार दागे गए। गोले दादल और कलासरा के रिहायशी क्षेत्रों में भी आकर गिरे।
सुंदरबनी के सीमावर्ती क्षेत्र के गांवों नाह, कलासरा, थियाड़ी दादल, गाई, उपन्यास के गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है। कलासरा तथा दादल के ग्रामीणों ने अस्थायी बंकरों के अंदर पनाह ली है। गाय पनयास गांव में मोर्टार शेल गिरने से अब्दुल रशीद की 12 बकरियां मर गईं और 15 घायल हैं। 
पलांवाला सेक्टर में पाकिस्तान ने शनिवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे फिर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया। इस दौरान पाकिस्तान ने एलओसी के पास के गांव जोगवां, बट्टल, चपरेयाल, बल्डो, समोह आदि गांवों को निशाना बनाते हुए गोलाबारी की। गोलाबारी शाम करीब साढ़े पांच बजे तक चली। गोलाबारी के डर से इन गांवों के अधिकतर ग्रामीण सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। 
नार्दर्न कमांड के जीओसी इनसी लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा ने शनिवार को फारवर्ड इलाकों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने आतंकवाद, आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था तथा एलओसी पर बाहरी खतरों से निबटने के लिए सभी रैंक के लोगों को बखूबी कर्त्तव्य निर्वहन करने को कहा। 
बादामी बाग स्थित चिनार कोर में सभी रैंक के लोगों से उन्होंने संवाद कर उनके साहस, समर्पण तथा विश्वास की सराहना की। उन्होंने सेना, सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स, जेके पुलिस तथा नागरिक प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय की तारीफ की।
राज्य में शांति और सामान्य माहौल की बहाली में सभी के प्रयास को सराहा। उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले जवानों को सम्मानित भी किया। उनके साथ रश्मिी हुड्डा भी थीं। ज्ञात हो कि हुड्डा इसी महीने देश की 40 साल की सेवा करने के बाद सेवानिवृत्त होंगे।
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