बजट अब तक: जानिए, 2015-16 के बजट की ये थी 6 प्रमुख बातें

साल 2015-16 का बजट केन्द्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली ने पेश किया। इस बजट में वैसे तो जीडीपी के बढ़ने के दावे किए गए लेकिन इसके साथ ही आम लोगों के लिए जो सबसे बड़ा झटका था वह ये कि एजुकेशन सेस और सर्विस टैक्स को बढ़ाया गया। आइये जानते हैं इस बजट की खास बातें-
1 एनडीए सरकार ने 3.9 फीसदी राजकोषीय घाटे का लक्ष्य रखा। अगले चार वर्षों में वित्तीय वर्ष 2018-19 तक इसे घटाकर 3 फीसदी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
2 सकल घरेलू उत्पाद 8 से 8.5 फीसदी के बीच देखा गया। दोहरे अंक की वृद्धि का लक्ष्य रखा गया।
3 अगले चार वर्षों में कॉर्पोरेट टैक्स में 25 फीसदी तक की कटौती का लक्ष्य रखा गया। 30 फीसदी टैक्स से दोतरफा नुकसान हो रहा था। कई छूटों के चलते सरकार को केवल 23 फीसदी ही मिल रहा था जबकि निवेश नहीं हो पा रहा था।
4 टैक्स रेट और शिक्षा पर सेस को 12.36 फीसदी से 14 फीसदी करने का प्रस्ताव किया गया।
5 देश के अंदर विदेशी गोल्ड क्वाइंस को कम करने के लिए सोवरेन गोल्ड बॉन्ड लाया गया ताकि भारत में बने गोल्ड क्वाइंस को पेश किया गया।
6 प्रोपर्टी डील में बेनामी लेनदेन को खत्म करने के लिए फेमा एक्ट में सुधार किया गया और उसमें काले धन को भी जोड़ा गया।





