फेफड़ों के अलावा शरीर के इस अंग पर सबसे ज्यादा पड़ता है वायु प्रदूषण का असर!

नई दिल्ली। आज के इस आधुनिक युग में बढ़ती तकनीकियों के कारण वायु प्रदूषण का स्तर दिन- प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। काल का रूप लेते हुए इस प्रदूषण से ना जानें कितनी जानों पर खतरा मंडरा रहा है। दिल्ली जैसा शहर इसकी आगोश में पहले ही आ चुका है। भयंकर रूप लेने को तैयार वायु प्रदूषण का असर केवल फेफड़ों या श्वसन यंत्रों पर ही नहीं बल्कि आँखों पर भी पड़ता है।

फेफड़ों के अलावा शरीर के इस अंग पर सबसे ज्यादा पड़ता है वायु प्रदूषण का असर….
ऐसे पर रहा आँखों पर असर ….
मेडिकल विशेषज्ञों का कहना है कि खराब वायु गुणवत्ता से आंखों में कई समस्याएं भी हो सकती हैं, जिसमें कॉर्निया को होनेवाली क्षति भी शामिल है।
ऑल इंडिया इंस्टीट्यूय ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) के ऑप्थामोलोजिस्ट डॉ. राजेश सिन्हा के मुताबिक नाक और मुंह की तरह आंखों को ढकना काफी मुश्किल है। इससे फेफड़ों की तरह ही आंखों पर भी वायू प्रदूषण का बुरा असर पड़ता है।
उनके मुताबिक आंख की ओकुलर सतह वातावरण के सीधे संपर्क आती है, इसलिए यह वायु प्रदूषण से सबसे ज्यादा प्रभावित होती है।
अगर बात करें अन्य जगहों के रिसर्च की तो सर गंगा राम हॉस्पिटल, दिल्ली के ऑप्थामोलोजिस्ट डॉ. टिंकू बाली राजदान के मुताबिक कई सालों तक प्रदूषण के संपर्क में रहने के कारण कोरोना को क्षति पहुंचती है, यह तुरंत नहीं होता है। अगर ड्राइ आई की समस्या लंबे समय तक रहती है, तो यह भी कोरोना को क्षतिग्रस्त कर सकती है, जिससे लंबे समय में दृष्टि प्रभावित होती है। खुजली होने पर आंखों को रगड़ने से भी कोरोना पर असर पड़ता है।

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