फर्जी पैन देकर चुनाव लड़े और सीएम, मंत्री, एमएलए, एमपी बन गए 194 नेता- रिपोर्ट में दावा

यहां कांग्रेस सबसे आगे है, जिसके 72 नेताओं ने अपने हलफनामे में दी गई पैन कार्ड की डिटेल्स में गड़बड़ी की है। दूसरे नंबर पर भाजपा का नाम है, जिसके 41 नेता इस लिस्ट में शामिल हैं।
एक रिपोर्ट में राजनेताओं द्वारा चुनाव आयोग में दिए जाने वाले हलफनामे में बड़ी धांधली का खुलासा हुआ है। दरअसल इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि साल 2006 से 2016 के बीच 23 राज्यों में हुए विभिन्न चुनावों में राजनेताओं ने चुनाव आयोग को अपने पैन कार्ड (PAN (Permanent Account Number)) की फर्जी डिटेल्स दीं। माना जा रहा है कि पैन कार्ड की फर्जी डिटेल्स अपनी सही इन्कम ना दिखाने और अपनी कमाई में हुए अप्रत्याशित उछाल को छिपाने के उद्देश्य से दी गईं। कोबरापोस्ट ने यह रिपोर्ट प्रकाशित की है और इस रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयोग में अपने पैन कार्ड की फर्जी डिटेल्स देने वाले नेताओं की संख्या 194 है। जिन 194 नेताओं के पैन कार्ड में धांधली की गई है, उनमें 6 पूर्व मुख्यमंत्री, 10 मौजूदा मंत्री, 8 पूर्व मंत्री और 54 मौजूदा और 102 पूर्व विधायक शामिल हैं।
बता दें कि भारतीय कानून के मुताबिक एक उम्मीदवार, जो कि चुनाव लड़ रहा है, उसे चुनाव आयोग को उसके खिलाफ चलने वाले आपराधिक मामलों और कितने मामलों में उसे दोषी करार दिया गया, इसके साथ ही अपने आर्थिक स्त्रोतों की भी पूरी और सही जानकारी देनी होती है। उम्मीदवार अपनी आर्थिक स्थिति की जानकारी देने के लिए चुनाव आयोग में इन्कम टैक्स विभाग द्वारा जारी पैन कार्ड की डिटेल्स देते हैं। उल्लेखनीय है कि उम्मीदवार द्वारा दी गई जानकारी गलत पाए जाने पर पीपल्स एक्ट, 1951 के मुताबिक चयन के बाद भी नेता की कुर्सी जा सकती है। इस रिपोर्ट में एक उल्लेखनीय बात निकलकर सामने आयी है कि चुनाव आयोग उम्मीदवारों द्वारा अपने हलफनामे में दी गई जानकारियों की सत्यता की पुष्टि भी नहीं करता है, जिसका उक्त नेताओं द्वारा जमकर फायदा उठाया गया।

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