प्रियंका गांधी हॉस्पिटल पहुंचकर नेता चंद्रशेखर आजाद से की मुलाकात

नई दिल्ली। प्रियंका गांधी ने बुधवार को मेरठ के एक हॉस्पिटल में भर्ती भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर आजाद से की मुलाकात। प्रियंका गांधी के साथ यूपी पश्चिम के चुनाव प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया भी थे। इसी के साथ अटकलें हो गई हैं तेज, कि क्या चंद्रशेखर भी कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करेंगे या कांग्रेस से गठजोड़ करेंगे। क्योंकि उन्होंने बुधवार को ऐलान किया कि वे अगला आम चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लड़ेंगे।
लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी के खिलाफ हम
भीम आर्मी के अध्यक्ष ने कहा है कि वह लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी के खिलाफ हम उतरेंगे। बकौल चंद्रशेखर, ‘पहले तो अपने संगठन से कोई मजबूत प्रत्याशी उतारने का प्रयास करेंगे और प्रत्याशी न मिलने पर वह खुद मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने बुधवार को जारी एक वीडियो में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि कल (मंगलवार) देवबंद में उनकी पदयात्रा उन्हीं के इशारे पर रोकी गई थी।
15 मार्च को दिल्ली में होगी बहुजन हुंकार रैली
उन्होंने कहा कि हमारे पास पदयात्रा की इजाजत थी, लेकिन प्रशासन और सरकार इस बात को लेकर झूठ फैला रहे हैं। चंद्रशेखर ने कहा कि 15 मार्च को दिल्ली में बहुजन हुंकार रैली होगी। इसमें बड़ी संख्या में लोग भाग लेंगे। चाहे जो इसे रोकने का प्रयास करे, अब यह रुकेगी नहीं।” चंद्रशेखर ने कहा कि लोकसभा चुनाव में मायावती को पूरा समर्थन दिया जाएगा। अखिलेश यादव को अभी प्रमोशन में आरक्षण के मुद्दे पर अपना रुख साफ करना होगा।
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मुलायम सिंह अपने बयान से लोगों में पैदा कर रहे हैं भ्रम
सपा संरक्षक मुलायम सिंह अपने बयान से लोगों में भ्रम पैदा कर रहे हैं। आपको बता दें कि भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर को पुलिस ने मंगलवार को देवबंद में गिरफ्तार कर। उन पर आचार संहिता उल्लंघन का आरोप है। बाद में उनकी तबीयत खराब होने पर मेरठ इलाज के लिए भेज दिया गया। बुधवार को प्रियंका गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अस्पताल में उनसे मुलाकात किया।
हार्दिक पटेल ने थामा कांग्रेस का दामन
इससे पहले सोमवार को गुजरात के नेता हार्दिक पटेल ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। पटेल भी चंद्रशेखर की तरह बीजेपी विरोधी रुख के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने भी बीजेपी और नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपनी राजनीति शुरू की थी। हार्दिक ने महीनों पहले घोषणा की थी कि वह चुनाव लड़ना चाहते हैं लेकिन उन्होंने यह नहीं तय किया था कि किस पार्टी से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने 2017 के विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी बीजेपी के खिलाफ आक्रामक तरीके से प्रचार किया था, जिसमें विपक्षी पार्टी का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा था।





