पुलिस से हुई चूक : एडीजी

लखनऊ: बेलगाम पुलिसकर्मियों द्वारा की गयी एप्पल कम्पनी के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी की हत्या के मामले में यूपी पुलिस की चौतरफा छीछालेदर हो रही है। पुलिस की फजीहत को रोकने के लिए रविवार को एडीजी जोन राजीव कृष्ण ने पुलिस लाइन में एक प्रेस वार्ता की। इस दौरान एडीजी ने माना कि विवेक तिवारी के साथ जो भी घटना घटी, वह बेहद गंभीर है। सिपाहियों की इस हरकत से पुलिस विभाग की छवि धूमिल हुई है। विभाग का सिर शर्म से झुक गया है। उन्होंने माना कि हत्याकाण्ड में पुलिस से चूक हुई है, हालांकि मीडिया के सवालों का जवाब देने से अफसर बचते रहे।एडीजी ने कहा कि यूपी पुलिस में बहुत बड़ा विभाग है।
इसमें 95 से 99 प्रतिशत लोग सही काम कर रहे हैं। एक-दो प्रतिशत ऐसे पुलिसकर्मी हैं, जिनकी करतूत से खाकी पर दाग लगता है। उन्होंने कहा कि ऐसे पुलिसकर्मियों को कड़े दण्ड या ट्रेनिंग की आवश्यकता है। एडीजी ने कहा कि उन्होंने रविवार को आईजी रेंज सुजीत पाण्डेय व एसएसपी कलानिधि नैथानी के साथ मिलकर राजधानी के सभी एएसपी, सीओ, थाना प्रभारियों के साथ एक बैठक की। एडीजी ने कहा कि विवेक तिवारी केस में अभी पूरा घटनाक्रम साफ नहीं हो पाया है। मीडिया व घरवालों की तरफ से उठ रहे तमाम सवालों का जवाब अभी पुलिस अफसरों के पास नहीं है। एडीजी जोन व आईजी रेंज ने भी माना कि अभी कई सवालों के जवाब आना बाकी है। आईजी रेंज सुजीत पाण्डेय ने आश्वासन दिया कि एसआईटी की टीम बारीकी से एक-एक पहलू की जांच कर रही है। आईजी ने कहा कि एसआईटी को जांच रिपोर्ट देने में कितना वक्त लगेगा, यह अभी कहना मुश्किल है।
आरोपित की पैरवी में कांस्टेबिल पत्नी ने एकाउण्ट नम्बर किया वॉयरल- कई पुलिसकर्मियों ने भेजे रुपये, पांच करोड़ जुटाने की कवायद, फेवर में सोशल मीडिया पर उतरे कई पुलिसकर्मी, सरकार, मीडिया व अफसरों को घेरा, किये आपत्तिजनक कमेंटलखनऊ। विवेक तिवारी हत्याकाण्ड में नामजद किये गये सिपाही प्रशांत चौधरी की पैरवी में उसकी कांस्टेबिल पत्नी राखी मलिक ने सोशल मीडिया का सहारा लिया है। प्रशांत की पैरवी के लिए 5 करोड़ रुपये जुटाने की कवायद कांस्टेबिल राखी ने शुरू कर दी। रविवार को यूपी पुलिस के कुछ सिपाहियों ने उसके खाते में रकम भी ट्रांसफर की है। बताया जा रहा है कि यूपी पुलिस के कई सिपाहियों ने फेसबुक व व्हाट्सएप पर एक मुहिम शुरू की। लम्बे-चौड़े मैसेज में आरोपित सिपाहियों द्वारा की गयी घटना को सेल्फ डिफेंस का नाम दिया गया है। पोस्ट में लिखा गया कि लखनऊ से दिल्ली समेत पूरे देश में सभी न्यूज चैनल पर मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया।
अधिकारी व मीडिया ने प्रशांत के फेवर में कुछ नहीं बोला। प्रशांत की कांस्टेबिल पत्नी राखी गिड़गिड़ाती रही लेकिन उनकी तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गयी। पोस्ट में लिखा गया कि असलहा क्यों दिया हमें, जिसे हम अपनी आत्मरक्षा में चला भी नहीं सकते। अगर कार चढ़ जाती तो वे मर जाते, तब कुछ नहीं था। लिहाजा अब एक ही रास्ता है कि अच्छे से अच्छा वकील खड़ा करने के लिए दिये गये राखी मलिक व संदीप के खातों पर रकम ट्रांसफर की जाए। एक सिपाही ने पोस्ट किया कि सिपाही कोई कीड़ा मकोड़ा नहीं है, जो कोई भी आए कुचलकर चला जाए। पुलिस अच्छे से ठोकना भी जानती है। यही नही एक पोस्ट पर लिखा गया कि सरकार से अनुरोध है कि हम पुलिसवालों को पिस्टल, रायफल न दें, एक-एक झुनझुना पकड़ा दें, हम उसी को बजाते रहेंगे और सरकार के गुन गाते रहेंगे।

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