पुलिस का यह रूप देखकर आप भी रह जाएंगे हैरान
सीओ ने सैलरी से खर्च उठाकर दो बच्चियों का कराया इलाज, बच गईं दोनों जिंदगियां सकलडीहा सीओ त्रिपुरारी पाण्डेय ने इंसानियत की मिसाल कायम की है। गांव में देर शाम दो बच्चियां 5 वर्षीय अंजना और 6 वर्षीय अंतिमा सामान लेने दुकान पर जा रही थी। तभी एक अनियंत्रित बाइक सवार ने दोनों को जोरदार टक्कर मार दी। मौके पर पहुंचे सीओ त्रिपुरारी पांडेय ने दोनों को जिला अस्पताल में एडमिट कराया।
जहां से दोनों बीएचयू ट्रामा रेफर कर दी गयी। सीओ त्रिपुरारी पाण्डेय ने अपनी सैलरी से बच्चियों के इलाज में 1 लाख 12 हजार रुपए खर्च किए। सीओ ने सिपाही के जरिए परिजनों के भेजा अपना एटीएम: अब दोनों बच्चियां वाराणसी बीएचयू ट्रामा सेंटर से डिस्चार्ज होकर अपने घर लौटी आई हैं। अंतिमा के पिता सियाराम ने बताया उसका अमाशय पेट से बाहर निकल गया था और ऑपरेशन कर डॉक्टरों ने बच्ची को बचाया।
मैं मजदूरी करके परिवार का खर्च उठाता हूं। मेरे पास इतने रुपए नहीं थे कि इलाज करा सकता। सीओ ने मदद की और उन्होंने अपना एटीएम दे दिया था। बोले थे दोनों के इलाज के लिए जीतने पैसे की जरूरत हो निकाल लेना। त्रिपुरारी पांडे ने कपड़े से अंतिमा के अमाशय को बांधा था: सीओ त्रिपुरारी पांडेय ने बताया जिंदगी बचाना हम सभी का दायित्व है। पुलिस की छवि लोगो में ठीक नहीं, इसलिए प्रयास भले को लेकर होना चाहिए। घटना जन्माष्टमी को हुई थी तो मन में था किसी का आंगन सुना न हो।





