पाक की मुश्किलें बढ़ी, अमेरिकी कांग्रेस में पेश हुआ यह बिल

आवश्यक कार्रवाई करने के लिए इस प्रस्ताव को हाउस ऑफ फॉरन अफेयर्स समिति के पास भेजा गया है। प्रस्ताव में लिखा गया है कि भविष्य में पाकिस्तान को प्रमुख गैर-नौटो सहयोगी के तौर पर दोबारा दर्जा दिए जाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति को कांग्रेस के सामने इस बात को प्रमाणित करना होगा कि उसने अपने देश में हक्कानी नेटवर्क की स्वतंत्रता और उसके अभियान को रोकने के लिए जरूरी सैन्य अभियानों को चलाया है।
इसके अलावा कांग्रेस के सामने यह भी प्रमाणित करना होगा कि उसने अपने देश में किसी भी रूप या क्षेत्र में हक्कानी नेटवर्क को सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध नहीं करवाए हैं। उसे इसका प्रमाण देना होगा कि पाकिस्तान सरकार सक्रिय रूप से अफगानिस्तान सरकार के साथ समन्वय कर रही है ताकि आतंकियों के अभियान को रोका जा सके। जिसमें पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर फैला हक्कानी नेटवर्क भी शामिल है।
प्रस्ताव में राष्ट्रपति से कहा गया है कि वह इस बात को प्रमाणित करे कि पाकिस्तान ने हक्कानी नेटवर्क के वरिष्ठ नेताओं और मध्य स्तर के गुर्गों को गिरफ्तार करने, उनपर मुकदमा चलाने में प्रगति दिखाई है। इन सभी शर्तों को पूरा करने के बाद ही पाकिस्तान को फिर से प्रमुख गैर नाटो सहयोगी का दर्जा वापस देने के लिए कदम उठाए जाएंगे।





