पाई-पाई जोडक़र फ्लैट बुक कराने वालों को मिले इंसाफ: अदिति सिंह

कांग्रेस विधायक ने कहा, सरकार दोषी बिल्डरों के खिलाफ करे कार्रवाई
फ्लैट बुक कराने वालों को मिले कब्जा, दोषियों के खिलाफ हो कार्रवाई

लखनऊ। रायबरेली सदर से कांग्रेस विधायक अदिति सिंह ने पाई-पाई जोडक़र फ्लैट बुक कराने वालों को न्याय दिलाने की सरकार से मांग की है। उन्होंने कहा कि एनसीआर में जिस तरह से बिल्डरों ने फ्लैट खरीददारों को ठगा है, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। बिल्डरों के धोखाधड़ी की वजह से फ्लैट खरीददार दर-दर भटकने को मजबूर हैं। पाई-पाई जोडक़र लोगों ने फ्लैट बुक कराया और बिल्डर पैसा लेकर फरार हो गए हैं। लोग ईएमआई और किराये की दोहरी मार से परेशान हैं। इसलिए योगी सरकार और केन्द्र सरकार इन लोगों के साथ न्याय करे और दोषी बिल्डरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करे। 
कांग्रेस विधायिका अदिति सिंह ने कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा में जिस तरह से बिल्डर समूह एक के बाद एक लोगों का पैसा लेकर फरार हो रहे हैं वह चिंता का विषय है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि नामी-गिरामी कंपनियां भी ऐसा कृत्य कर रही हंै। बिल्डरों पर भरोसा करके लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई इनको सौंप दी और ये कंस्ट्रक्शन का काम बीच में छोडक़र फरार हो गए हैं। जनता दर-दर भटकने को मजबूर है। इन लोगों की सुनवाई नहीं हो रही है। योगी सरकार जनता की समस्या को संज्ञान में ले और इन कंस्ट्रक्शन कंपनियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करें। बिल्डर फ्लैट खरीददारों को ब्याज सहित पैसे वापस करें, नहीं तो उन्हें फ्लैट दें। कांग्रेस विधायक ने कहा कि बिल्डरों में कानून का कोई भय नहीं है। तभी तो वह सुप्रीम कोर्ट द्वारा घेषित अवैध जमीनों पर भी फ्लैट बनाने से बाज नहीं आ रहे हैं। बिल्डरों की मनमानी का खामियाजा बेचारी जनता भुगत रही है। बिल्डर पुलिस-प्रशासन के नाक के नीचे अपना धंधा चमका रहे हैं और लोगों को मूर्ख बना रहे हैं लेकिन सरकार इनके खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं कर रही है। सरकार द्वारा संरक्षण मिलने की वजह से ही इनकी मनमानी चरम पर है। उन्होंने कहा कि एक वक्त था जब फ्लैट खरीदने के लिए लोग नोएडा व ग्रेटर नोएडा को आदर्श मानते थे, लेकिन आज बिल्डरों की धोखाधड़ी की वजह से लोग कतराने लगे हैं। वर्तमान में नोएडा में 100 से 160 हाउसिंग प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं और इनमें सपनों के घर की चाहत रखने वाले 2 लाख लोग अपने खून पसीने की कमाई लगाकर बुकिंग भी कर चुके हैं, लेकिन ज्यादातर प्रोजेक्ट्स देरी से चल रहे हैं। बिल्डरों पर नकेल न कसने की वजह से इन्हें किसी का डर नहीं है। ग्रेटर नोएडा, ग्रेटर नोएडा वेस्ट और एक्सप्रेस वे पर 90 प्रोजेक्ट्स तीन साल और करीब 30 प्रोजेक्ट्स 5 साल पीछे चल रहे हैं, जबकि कुछ तो 9 से 10 साल बाद भी अधूरे हैं। 
अदिति सिंह ने कहा कि 2010 की दूसरी छमाही में ग्रेटर नोएडा वेस्ट में एक लाख घरों की बुकिंग की गयी, इसमें निराला ,गौर संस ,आम्रपाली ,जेपी ,सुपरटेक जैसे बड़े ग्रुप शामिल हैं । दिसम्बर 2013 तक सभी इन्वेस्टरों को घर देने का दावा किया गया था, लेकिन अब तक सिर्फ 25 फीसद लोगों को ही अपना घर मिल सका है जबकि 75 फीसद लोग अभी भी बिल्डरों के यहां चक्कर लगा रहे हैं। खरीददारों का सब्र अब जवाब दे रहा है। उन्होंने कहा कि मेरी योगी सरकार से मांग है कि इन लोगों के साथ न्याय किया जाए और दोषी बिल्डरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

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