पनामा मामले में शरीफ बयान- मुझे और मेरे परिवार को फंसाया जा रहा है

पनामागेट घोटाला मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित जांच दल के सामने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ हाजिर हुए हैं। इस उनसे करीब 3 घंटे पूछताछ की गई। शरीफ पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्हें पद पर रहते हुए जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। हालांकि, शरीफ ने कहा कि उनके परिवार ने कुछ भी गलत नहीं किया है। लोकतांत्रिक ढंग से चुनी गई उनकी सरकार के खिलाफ यह साजिश है।
पूछताछ के बाद मीडिया से बात करते हुए शारिब बोले – मैंने जेआइटी के सामने अपना पक्ष रख दिया है। आरोपों का प्रधानमंत्री के रूप में मेरे कार्यकाल से कोई लेनादेना नहीं है। ये आरोप मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ निजी स्तर पर लगाए गए हैं। मैंने अपने जन्म से भी पहले के विवरण दे दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने पनामा पेपर मुद्दे पर 20 अप्रैल को जेआईटी का गठन किया था और उसे प्रधानमंत्री, उनके बेटे सहित मामले से जुड़े किसी भी व्यक्ति से पूछताछ करने का अधिकार प्रदान किया था। गुरुवार को नवाज जब कोर्ट पहुंचे तो साथ ही उनके समर्थक भी पहुंच गए। समर्थकों को बाहर छोड़कर नवाज आगे चले गए हैं।
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इस पूछताछ में उनसे गल्फ स्टील और लन्दन के फ्लैट्स की जानकारी और उनके वालिद को करोड़ों रुपए तोहफे में देने की बातों सहित 13 सवाल पूछे जाएंगे। पेशी से पहले पीएम ने अपने परिजनों और करीबी लोगों से सलाह ली। उधर नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज न्यायिक अकादमी रवाना हुईं। इससे पहले उन्होंने ट्वीट किया, कि आज का दिन इतिहास रचेगा और शरीफ ने उदाहरण देने लायक कायम किया है।
संयुक्त जांच दल (जेआईटी) के प्रमुख वाजिद जिया ने नवाज शरीफ सभी आवश्यक कागजात सहित टीम के सामने तलब किया। इस पेशी का समन उन्हें तब जारी किया गया जब शरीफ शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद कजाख्स्तान गए थे।। मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए लंदन के पॉश पार्क लेन क्षेत्र में चार अपार्टमेंट खरीदे गए थे। हालांकि, शरीफ इन आरोपों से इनकार करते रहे हैं। दल अपनी जांच 60 दिन मेंपूरी करेगा।





