न्यूजीलैंड का रहस्यमयी शहर जहां उबलती हैं झीलें, मिट्टी से उठती है भाप

न्यूजीलैंड के नॉर्थ आइलैंड पर बसा रोटोरोआ केवल एक शहर नहीं, बल्कि कुदरत के जादुई और रोमांचक कारनामों का बेजोड़ उदाहरण है। यह दुनिया के उन चुनिंदा जगहों में से एक है जहां कदम रखते ही आपको धरती के नीचे मची उथल-पुथल का एहसास होने लगता है।
हवा में तैरती भाप, उबलते हुए गर्म पानी के कुंड और मिट्टी के बुलबुले इस नगर को किसी दूसरी दुनिया का हिस्सा बना देते हैं। आइए रोटोरोआ की उन खासियतों को करीब से जानें जो इसे दुनिया भर के पर्यटकों को इसकी ओर आकर्षित करते हैं।
रोटोरोआ के जिओथर्मल अजूबे
रोटोरोआ की सबसे बड़ी खासियत इसकी ज्वालामुखीय और जिओथर्मल एक्टिविटीज हैं। यहां जमीन के अंदर की भीषण गर्मी सतह पर भाप और खौलते पानी के रूप में फूटती है। जगह-जगह दिखाई देने वाले गर्म झरने और कीचड़ के कुंड पर्यटकों को हैरान कर देते हैं।
इस प्राकृतिक सुंदरता के बीच शहर का इतिहास और परंपराएं इतनी गहराई से जुड़ी हैं कि यहां प्रकृति और संस्कृति का एक अनूठा संगम देखने को मिलता है।
रेडवुड का जादुई जंगल और ट्री वॉक
प्रकृति प्रेमियों के लिए यहां का रेडवुड जंगल किसी परियों की दुनिया जैसा है। यहां सौ साल पुराने विशाल कैलिफोर्निया रेडवुड पेड़ खड़े हैं, जो अपनी ऊंचाई से आसमान छूते नजर आते हैं। जंगल की शांति और चीड़ के पत्तों की सोंधी महक मन को सुकून देती है।
यहां का सबसे बड़ा आकर्षण ट्री वॉक है। जमीन से काफी ऊंचाई पर लटके हुए पुलों पर चलना एक रोमांचक अनुभव है। रात के समय जब इन पेड़ों पर लालटेन जलाई जाती हैं, तो पूरा जंगल रोशनी से नहा उठता है, मानो आप किसी दूसरी ही दुनिया में आ गए हों।
रहस्यमयी पौराणिक कथा
रोटोरोआ की कुईराउ झील के पीछे माओरी समुदाय की एक प्राचीन और रहस्यमयी कथा छिपी है। कहा जाता है कि प्राचीन काल में कुईराउ नाम की एक सुंदर युवती इस झील में स्नान करने आई थी। कथा के अनुसार, झील के तल में रहने वाला एक दुष्ट प्राणी उसे खींचकर गहराई में ले गया। इससे क्रोधित होकर देवताओं ने उस प्राणी को खत्म करने के लिए झील के पानी को उबाल दिया। इसी कारण आज भी यह झील गर्म रहती है और इसका नाम उस युवती की याद में कुईराउ पड़ गया।
टा मोको और परंपराएं
यहां की मूल जनजाति माओरी की संस्कृति बेहद समृद्ध पवित्र है। माओरी लोग शरीर पर खास टैटू बनवाते हैं जिसे टा मोको कहा जाता है। यह केवल एक डिजाइन नहीं, बल्कि उनके साहस और परिवार के इतिहास का दस्तावेज है।
पुरुषों के पूरे चेहरे पर और महिलाओं के होंठ व ठुड्डी पर बने ये टैटू उनके माता-पिता के वंशजों की गाथा कहते हैं। माओरी समुदाय का मानना है कि ये पवित्र डिजाइन मृत्यु के बाद भी उनके साथ रहते हैं।
रोमांचक रीति-रिवाज और पारंपरिक स्वाद
रोटोरोआ आने वाले टूरिस्ट्स का स्वागत पोहिरी नाम के पारंपरिक अंदाज में किया जाता है, जिसमें युद्ध संगीत और चेहरे के खास भावों का इस्तेमाल होता है। पर्यटकों के लिए हाका डांस देखना एक अनोखा अनुभव है; माओरी योद्धाओं के इस डांस की एनर्जी ऐसी होती है कि जमीन कांपती हुई महसूस होती है।
खाने की बात करें तो यहां का पारंपरिक हंगी डिनर बहुत मशहूर है। इसे ज्वालामुखी के गर्म पत्थरों की मदद से जमीन के नीचे पकाकर तैयार किया जाता है। साथ ही, माओरी योद्धओं के युद्ध में इस्तेमाल की जाने वाली खास नाव वाका को देखना भी यहां के इतिहास से जुड़ने जैसा है।





