नोटबंदी को लेकर सरकार ने उठाया बड़ा कदम, 35 हजार फर्जी कंपनियों को लगाया ताला

नोटबंदी के दौरान पैसा जमा करने वाली 35 हजार कंपनियों को सरकार ने बंद कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, इन कंपनियों पर आरोप था कि नोटबंदी से 2 साल पहले तक यह कंपनियां जमा-निकासी नहीं कर रही थी, लेकिन नोटबंदी के दौरान ही बड़ी संख्या में इन कंपनियों ने 17 हजार करोड़ रुपये बैंकों में जमा कराए। सरकार ने सब कंपनियों को बंद कर दिया है। सरकार ने ऐसी सभी कंपनियों के बैंक खाते फ्रीज कर दिए हैं।नोटबंदी को लेकर सरकार ने उठाया बड़ा कदम, 35 हजार फर्जी कंपनियों को लगाया ताला

 

जानकारी के मुताबिक, सरकार ने 56 बैंकों से मिली जानकारी के बाद यह कदम उठाया है। हालांकि इतनी बड़ी संख्या में कंपनियों को बंद कर देना यह बताता है कि सरकार अपने फैसले को लेकर अडिग हैं। सरकार के मुताबिक, ये कंपनियां बड़े पैमाने पर धांधेलबाजी कर रही थी। वित्त मंत्रालय का कहना है कि एक कंपनी के 2,134 बैंक खातों के बारे में पता चला वहीं, एक निगेटिव ऑपनिंग बैलेंस वाली एक कंपनी ने नोटबंदी के बाद 2,484 करोड़ रुपये बैंकों में जमा किए और बाद में निकाल लिए।

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सरकार ने बताया कि ऐसी कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है। ऐसी कंपनियों के बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं और सरकार की अनुमति के बिना ये कंपनियां अपने ऐसेट्स को बेच या ट्रांसफर नहीं कर सकती हैं। राज्य सरकारों को भी ऐसे ट्रांजेक्शंस के रजिस्ट्रेशन ब्लॉक करने की सलाह केंद्र सरकार की ओर से दी गई है। कॉर्पोरेट मंत्रालय ने पिछले तीन वित्तीय वर्षों से वित्तीय विवरण ना भरने वाले 3.09 लाख कंपनी बोर्ड डायरेक्टर्स को अयोग्य घोषित कर दिया है।

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कॉर्पोरेट मंत्रालय के मुताबिक, कंपनीज ऐक्ट, 2013 के तहत वित्तीय विवरण भरना अनिवार्य है। जांच में पता चला है कि अयोग्य घोषित किए गए डायरेक्टर्स में से 3000 डायरेक्टर्स 20 से ज्यादा कंपनियों के बोर्ड डायरेक्टर थे जो कानूनी सीमा से ज्यादा है। डमी डायरेक्टर्स की समस्या पर लगाम लगाने के लिए नए नियम लागू किए गए हैं। अब नए DIN के लिए अप्लाई करते वक्त पैन और आधार कार्ड की बायोमैट्रिक मैचिंग की जाएगी।

 

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