देश के 13वें उपराष्ट्रपति चुने गए वेंकैया नायडू, कहा- सभी को साथ लेकर चलूंगा

वेंकैया नायडू देश के 13वें उपराष्ट्रपति चुन लिए गए हैं. इस चुनाव में एनडीए की ओर से वेंकैया नायडू, तो वहीं विपक्ष से पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल और गांधीजी के पौत्र गोपालकृष्ण गांधी के बीच मुकाबला था. यहां कुल पड़े 771 वोटों में वेंकैया नायडू को 516 वोट, तो गोपालकृष्ण गांधी के खाते में 244 वोट गए.

इस शानदार जीत के बाद वेंकैया नायडू ने सभी देशवासियों का दिल से आभार व्यक्त किया. इसके साथ ही उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और उन्हें वोट देने वाले तमाम सांसदों का शुक्रिया अदा किया और कहा कि उनकी बदौलत किसान का एक बेटा आज एक अहम पद पहुंचा है. इसके साथ ही उन्होंने राज्यसभा की गरिमा बनाए रखने और सभी को साथ लेकर चलते हुए हर उम्मीद पर खरा उतरने का वादा किया.
इससे पहले पीएम मोदी ने वेंकैया नायडू के उपराष्ट्रपति निर्वाचित होने पर उनके आवास जाकर शुभकामनाएं दीं. वहीं नायडू के आवास पर जश्न का माहौल है, जहां नायडू और उनकी पत्नी उषा ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इस जीत का जश्न मनाया.
I promise to uphold the Constitution and the high standards set by my esteemed
predecessors.— M Venkaiah Naidu (@MVenkaiahNaidu) 5 August 2017
With all humility, I express my gratitude to every MP who supported my candidature cutting across party lines.
— M Venkaiah Naidu (@MVenkaiahNaidu) 5 August 2017
My mind is filled with memories of working with @MVenkaiahNaidu Garu, in the Party & Government. Will cherish this aspect of our association
— Narendra Modi (@narendramodi) 5 August 2017
I am confident @MVenkaiahNaidu will serve the nation as a diligent & dedicated Vice President, committed to the goal of nation building.
— Narendra Modi (@narendramodi) 5 August 2017
वेकैंया नायडू की इस जीत पर गोपालकृष्ण गांधी ने उन्हें बधाई दी. इसके साथ ही उन्होंने ने उनके पक्ष में वोट डालने का शुक्रिया अदा किया और कहा कि मुझे उम्मीदों से ज्यादा वोट मिले. वहीं वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने एनडीए के खिलाफ वोट डालने वालों को धन्यवाद दिया और कहा कि चाहे जीत मिले या हार, विपक्ष अपनी विचारधारा से कभी समझौता नहीं करेगा.
बता दें कि उपराष्ट्रपति पद के चुनाव में निर्वाचक मंडल के कुल 785 सदस्यों में से 771 ने वोटिंग में हिस्सा लिया. इस तरह शाम 5 बजे तक कुल 98.21% मतदान दर्ज हुआ. वहीं इस चुनाव में जिन 14 सांसदों ने वोट नहीं डाला, उनमें कांग्रेस और बीजेपी के 2-2 तथा टीएमसी के 4 सांसद शामिल हैं. वहीं 11 वोट अवैध करार दिए गए.
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बता दें कि मौजूदा उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का कार्यकाल 10 अगस्त को समाप्त हो रहा है. वह लगातार दो बार इस पद पर रह चुके हैं.
चुनाव का कार्यक्रम
उपराष्ट्रपति का चुनाव सीक्रेट बैलेट के माध्यम से होता है. इसमें लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य वोट करते हैं. अपनी पसंद को मार्क करने के लिए सांसद एक खास पेन का इस्तेमाल करते हैं. किसी दूसरे पेन से मार्क किए गए वोट को खारिज कर दिया जाता है. बैलेट पेपर में चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार का नाम होता है लेकिन इस पर किसी तरह का चुनाव चिह्न नहीं होता.
उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान का अधिकार
राज्यसभा के पदेन सभापति एवं देश के उपराष्ट्रपति के चुनाव में मतदान का अधिकार संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित तथा नामित सदस्यों को होता है. दोनों सदनों में सदस्यों की कुल संख्या 787 है. लोकसभा में अभी 543 और राज्यसभा में 244 सदस्य हैं. लोकसभा में दो सीट रिक्त हैं, जबकि राज्यसभा में एक सीट रिक्त है. लोकसभा के कुल 545 सदस्यों में भाजपा के 281 सांसद हैं, जबकि भाजपा नीत राजग के कुल 338 सदस्य हैं. वहीं, 243 सदस्यीय राज्यसभा में भाजपा के कुल 58 सदस्य हैं जबकि ख्य विपक्षी दल कांग्रेस के पास 57 सदस्य हैं.
जदयू करेगी गोपालकृष्ण गांधी का समर्थन
बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड पर इस चुनाव के दौरान खास नजर रहेंगी. राष्ट्रपति चुनाव के दौरान रामनाथ कोविंद की उम्मीदवारी का समर्थन करने वाले बीजद और जदयू ने उपराष्ट्रपति चुनाव में गांधी का समर्थन करने का फैसला किया है. हालांकि, जदयू ने बिहार में महागठबंधन का दामन छोड़ दिया है. भाजपा के साथ मिलकर नई सरकार बनाई, लेकिन पार्टी ने उपराष्ट्रपति चुनाव में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रह चुके गांधी के पक्ष में मतदान करने की बात कह रही है.





