दुश्मनों को खत्म करने के अलावा और भी मामलों में अव्वल है इजरायल

नरेंद्र मोदी इस समय भारतीय प्रधानमंत्री के रूप में इजरायल की यात्रा पर हैं। वह इससे पहले भी इजरायल की यात्रा कर चुके हैं। यह पहली बार है, जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री इस देश की यात्रा पर जा रहे हैं। इजरायल की भाषा हिब्रू भाषा दुनिया में इकलौती ऐसी भाषा है, जिसको पुनर्जन्म मिला है। हिब्रू और अरबी यहां की आधिकारिक भाषा है। जानते हैं इजरायल के बारे में कुछ रोचक बातें…
इजरायल दुनिया का अकेला यहूदी राष्ट्र है। इसका कुल क्षेत्रफल इतना है कि तीन इजराइल मिलकर भी राजस्थान से छोटे हैं और यहां की जनसंख्या न्यूयॉर्क की आधी और दिल्ली से भी कम है। यहां के पुरुषों को हाईस्कूल के बाद तीन साल और महिलाओं को दो साल अनिवार्य रूप से सेना में काम करना होता है।
इजरायल दुनिया में उन 9 देशों में शामिल है, जिसके पास अपना सेटेलाइट सिस्टम है। जिसके इस्तेमाल से वो ड्रोन चलाता है। इजरायल अपने सेटेलाइट सिस्टम किसी के साथ साझा नहीं करता। इस देश का दुश्मन दुनिया के किसी भी हिस्से में हो, जिंदा नहीं रह सकता है। 1972 के म्यूनिख ओलंपिक गेम्स विलेज में घुसकर 12 इस्राइली खिलाडियों की हत्या कर दी थी। कहा जाता है कि इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने अगले 20 साल तक साजिश में शामिल एक-एक व्यक्ति को ढूंढ़-ढूंढ़ कर मारा था।
इजरायल दुनिया का इकलौता ऐसा देश है, जहां पूरे देश में एंटी बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम लगा हुआ है। इस देश की ओर आने वाली हर मिसाइल रास्ते में ही ढेर हो जाती है। इजराइल के दुश्मन और मुस्लिम का इस दुनिया में कहीं भी जिंदा रहना नामुनकिन है। पाकिस्तानी पासपोर्ट पर लिखा होता है कि यह पासपोर्ट इजरायल को छोड़कर दुनिया के सभी देशो में मान्य है।
दुनिया में पहला फोन मोटोरोला कंपनी ने इजरायल में ही बना था और माइक्रोसॉफ्ट के लिए पहला पेंटियम चिप इजरायल में ही बना था। यही नहीं, पहली वॉइस मेल तकनीक इजरायल में ही विकसित की गई थी। माइक्रोसॉफ्ट और सिस्को ने अमेरिका के बाहर अपने रिसर्च सेंटर सिर्फ इजरायल में ही बनाए।
इजरायल व्यावसायिक दृष्टि से दुनिया में तीसरे स्थान पर है। यहां 3000 से अधिक हाई-टेक कंपनी हैं, जो अमेरिका की सिलिकॉन वैली को छोड़कर दुनिया में सबसे ज्यादा हैं। दुनिया भर के यहूदियों को जन्म लेते ही इजरायल की नागरिकता मिल जाती है।
यहां प्रति 10 हजार की आबादी में 109 रिसर्च पेपर प्रकाशित होते हैं, जो दुनिया में सर्वाधिक हैं। यहां किताबों के मामले में प्रति व्यक्ति के हिसाब से सर्वाधिक किताबें छपती हैं और सरकार लोगों को किताबें उपलब्ध कराती है। इजरायल में छपने वाली हर किताब की एक कॉपी जीविश नेशनल यूनिवर्सिटी लाइब्रेरी में रखी जाती है।





