दस दिन में तीसरा रेल हादसा, रहम करो ‘प्रभु’

रुक नहीं रहे रेल हादसे, नागपुर-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस के 9 डिब्बे पटरी से उतरे
19 अगस्त को उत्कल एक्सप्रेस और 23 अगस्त को कैफियत एक्सप्रेस के डिब्बेउतर गए थे पटरी से
लखनऊ। भारतीय रेलवे की सुरक्षा भगवान भरोसे है। आज सुबह महाराष्टï्र के टिटवाला में नागपुर-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस का इंजन और नौ डिब्बे पटरी से उतर गए। इस ट्रेन में कुल 18 डिब्बे थे। यह दुर्घटना उस समय हुई जब अधिकतर यात्री सो रहे थे। हादसे का कारण भूस्खलन बताया जा रहा है। पिछले दस दिन में यह तीसरा रेल हादसा है।
महाराष्ट्र के वासिंद और आसनगांव स्टेशनों के बीच सुबह 8.36 बजे यह हादसा हुआ। मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुनील उदासी ने कहा कि इस घटना में अभी तक किसी यात्री के घायल होने की खबर नहीं है। उन्होंने कहा कि ट्रेन के पटरी से उतरने की वजह भारी बारिश के कारण अचानक हुआ भूस्खलन है, लेकिन चालक ने आपात ब्रेक लगाकर समझदारी भरा काम किया। हालांकि रेलवे के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि ट्रेन के पटरी से उतरने की सटीक वजह साफ नहीं है।
मालूम हो कि पिछले दस दिन में यह तीसरा रेल हादसा है। 23 अगस्त 2017 को उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में देर रात कैफियत एक्सप्रेस के 10 डिब्बे पटरी से उतर गए थे, जिसमें 78 लोग घायल हुए थे। वहीं 19 अगस्त 2017 को उत्कल एक्सप्रेस मुजफ्फरनगर के खतौली के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें 24 लोगों की मौत और 150 लोग जख्मी हुए थे। इस हादसे में रेल अधिकारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई थी। इन हादसों के बाद रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने पीएम मोदी के सामने इस्तीफे की पेशकश की थी, लेकिन पीएम मोदी ने प्रभु को इंतजार करने को कहा था।





