तीन तलाक पर अध्यादेश के खिलाफ याचिका कोर्ट ने की खारिज

मुंबई। तीन तलाक बिल को पास कराने के लिए केंद्र सरकार द्वारा इस बिल को लेकर अध्यादेश लगाया गया था। जिस पर राष्ट्रपति ने अपनी मुहर लगा दी थी। लेकिन इस अध्यादेश के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी। जिस पर कोर्ट ने बड़ा फैसले लेते हुए इस याचिका को ख़ारिज कर दिया है। बता दें कि बॉम्बे हाईकोर्ट अध्यादेश के खिलाफ याचिका दायर की गयी थी।
तीन तलाक अध्यादेश को राष्ट्रपति ने दी थी मंजूरी
जानकारी के मुताबिक पूर्व निगम पार्षद मसूद अंसारी, शहर के एनजीओ राइजिंग वॉइस फाउंडेशन और वकील देवेंद्र मिश्रा ने पिछले सप्ताह याचिका दाखिल की थी। जिसे बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को ख़ारिज कर दिया। याचिका को लेकर सुनवायी करते हुए जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस एएम धवले की खंडपीठ ने सोमवार को कहा कि वह याचिका पर विचार नहीं कर रही क्योंकि ऐसी ही एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
इस याचिका में दावा किया गया था कि अध्यादेश के प्रावधान अवैध, अमान्य, अतार्किक और मनमाने हैं। याचिका में अध्यादेश के उन प्रावधानों पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की गयी थी जो मुस्लिम समुदाय में बोलकर तलाक लेने की प्रथा को अपराध की श्रेणी में रखते हैं।
पढ़ें:- लखनऊ: अध्यादेश के बाद सामने आया तीन तलाक का मामला, पति करता था प्रताड़ित
बता दें कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पिछले महीने तीन तलाक को लेकर बिल को अध्यादेश को मंजूरी दी थी। जिसके जिसके मुताबिक एक बार में तीन तलाक बोलकर वैवाहिक रिश्ता तोड़ लेना अवैध बताया गया है और इस अपराध के लिए पति को तीन साल की जेल की सजा का प्रावधान रखा गया है।
The post तीन तलाक पर अध्यादेश के खिलाफ याचिका कोर्ट ने की खारिज appeared first on .





