जब ट्रांसप्लांट करवाकर लड़की से बनी किन्नर, फिर झेलनी पड़ी ये बड़ी मुश्किलें…

नई दिल्ली। 3rd जेंडर को हमारे समाज में किस नज़र से देखा जाता है इसका व्यख्यान करने की जरुरत नहीं है। जब कोई लड़की अपना जेंडर चेंज करवाकर किन्नर बन जाए तो सोचो कहानी क्या रही होगी। ट्रांस-वूमन शानवी पोनुसामी ने सुनाई अपनी कहानी, पढ़िए।
जब मैं छठवी क्लास में थी, तब मुझे यह अहसास हुआ कि मैं आम लड़की की तरह नहीं हूं, इस बात को मेरे घर वालों ने नहीं समझा और मैंने घर छोड़ दिया। तब से ही मेरा संघर्ष शुरू हो गया था। ये कहानी है ट्रांस-वूमन शानवी पोनुसामी की। जो फिलहाल मॉडलिंग कर रही है और एयर होस्टेस बनना चाहती हैं। जिसके लिए उन्होंने एयर इंडिया में अप्लाई भी किया था लेकिन ट्रांसजेडर होने की वजह से उनकी एप्लीकेशन रिजेक्ट कर दी गई।
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नहीं था थर्ड जेंडर का ऑप्शन…
– शानवी ने तमिलनाडु से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करके मॉडलिंग शुरू कर दी। इसके बाद जब उन्होंने एयर होस्टेस बनने का सपना देखा तो उनके सामने उनका ट्रांसजेडर होना प्रॉब्लम बन गया।
– जब उन्होंने एयर इंडिया में एयर हो स्टेज के लिए अप्लाई किया तो उनकी एप्लीकेशन सिर्फ इस बात के कारण रद्द कर दी गई क्योंकि एयर इंडिया में मेल और फीमेल के अलावा तीसरा ऑप्शन नहीं था।
– इस पूरे मामले के बाद भी शानवी ने हार नहीं मानी और वे सुप्रीम कोर्ट पहुंची। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने एविएशन मिनिस्ट्री से चार हफ्तों अंदर इस बात पर जबाव मांगा। सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा कि आदेश के बाद भी थर्ड जेडर का ऑप्शन क्यों नही रखा गया ?
– शकीन के वकील ने प्रेस को बताया कि एयर होस्टेस के लिए 400 एप्लीकेशन मांगे गए थे जिनमें से एक भी ट्रांसजेडर के लिए नहीं था। शानवी ने एक इंटरव्यू में बताया कि मैंने चौथी बार एयर हो स्टेज के लिए अप्लाई कियाथा लेकिन ट्रांसजेंडर होने की वजह से मुझे रिजेक्ट कर दिया गया।
– ट्रांसजेडर के लिए बनाया गया बिल ‘द ट्रांसजेंडर पर्सन (प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स) के मुताबिक नौकरी देने में ट्रांसजेडर के साथ किसी प्रकार कोई भेदभाव नहीं किया जा सकता।





