रोहतक जिलें में आरक्षण आंदोलन की चेतावनी के बाद हरियाणा के कई जिलों में धारा 144 लागू

आंदोलन की चेतावनी के बााद हरियाणा सरकार ने राज्य में 7 हजार होमगार्डों की तैनाती के अलावा केंद्र से अर्धसैनिक बलों की 55 कंपनियों की मांगी है।रोहतक जिलें में आरक्षण आंदोलन की चेतावनी के बाद हरियाणा के कई जिलों में धारा 144 लागू

हरियाणा में पहली बार आई बीजेपी सरकार के लिए जाट आंदोलन सिरदर्द बन चुका है। एक बार फिर से जाट समुदाय ने हरियाणा में 29 जनवरी से जाट आरक्षण आंदोलन की चेतावनी दी है। जिसको देखते हुए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। तो वहीं गुड़गांव और रोहतक जिलें के कई हिस्सों में प्रशासन के सुरक्षा को देखते हुए धारा 144 लगा कर दी है। 

एक अधिकारी के मुताबिक, 5 या उससे अधिक व्यक्तियों के इकट्ठा होने और हथियार रखने पर रोक लगा दी गई है। साथ ही शहर के रेलवे स्टेशनों के अलावा राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों से करीब 500 मीटर की दूरी में पांच या उससे अधिक लोगों के जमा होने पर रोक लगा दी गई है। 

गौरतलब है कि शक्रवार को सोनापत में 35 खाप पंचायतों के नेता आंदोलन का समर्थन किया। तो वहीं हिसार में भी 8 खापों ने एक सभा कर इस आंदोलन में शामिल होने का ऐलान कर दिया है। आंदोलन के ऐलान के बाद खापों का कहना कि वह इस जाट आरक्षण के लिए किसी भी तरह की कुर्बानी देने के लिए तैयार हैं। जिसके बाद गुड़गांव के डिप्टी कमिश्नर हरदीप सिंह ने धारा 144 लागू करने के आदेश दिए हैं।

हालांकि पिछले हफ्ते डिप्टी कमिश्नर के साथ हुई बैठक में जाट नेताओं ने शांतिपूर्ण आंदोलन की बात स्वीकारी है। जाट नेताओं का कहना था कि उनका मकसद बस केंद्र सरकार पर जाट आरक्षण के लिए दबाव डालना है क्योंकि यह पूरा मामला कोर्ट में विचाराधीन है।

इस आंदोलन की चेतावनी के बााद हरियाणा सरकार ने राज्य में 7 हजार होमगार्डों की तैनाती के अलावा केंद्र से अर्धसैनिक बलों की 55 कंपनियों की मांगी है। गौरतलब है पिछले साल हुए जाट आंदोलन में 30 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और व्यापक तोड़फोड़ के अलावा आगजनी की घटनाएं सामने आई थी। जिसके कारण हरियाणा के कई हिस्सों में जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ था। 

 
 
 
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