टप्पेबाजों ने पूर्व विधायक की कार से चोरी किया रुपयों से भरा बैग

लखनऊ। कार खड़ी कर सुन्नी इण्टर कालेज के प्रिसिंपल से मिलने गये पूर्व विधायक की कार से बुधवार को टप्पेबाज ने नोटों से भरा बैग उड़ा दिया। वो रकम ही नहीं बल्कि लाइसेंसी रिवाल्वर भी साथ ले गया। घटना के वक्त कार में एमएएल का बेटा व चालक बैठा था। तभी टप्पेबाज पहुंचा और बोला भाई साहब कार से धुंआ निकल रहा है। इतना सुनने के बाद अन्दर बैठे लोग घबरा गये।
चालक ने बोनट खोलकर देखा तो सबकुछ ठीकठाक था। विधायक के आने के बाद ये लोग फैक्ट्री के लिए चल दिये लेकिन रास्ते में जब बैग नहीं दिखा तो होश उड़ गये। लौटकर बाजारखाला पुलिस को बताया। वो मौके पर पहुंची। छानबीन की फिर घटना को संदिग्ध बताया। उसका कहना है कि भीड़भाड़ वाले इलाके में कोई नोट से भरा बैग और रिवाल्वर कैसे ले जा सकता है। फिलहाल उसने तहरीर लेकर मामला दर्ज कर लिया है।
अर्शफाबाद दीनदयाल रोड पर शफी अहमद सिद्दीकी परिवार संग रहते हैं। वो कांग्रेस के पूर्व विधायक है। उनकी काकोरी में गत्ते की फैक्ट्री है। वो सुबह करीब 11 बजे बेटे नजीब व चालक तौफीक के साथ कार यूपी32एसटी 6592 से वहां जाने के लिए निकले लेकिन इस दौरान उन्हें सुन्नी इण्टर कालेज के प्रैसिंपल से मिलने था। इसलिए पहले कालेज पहुंच गये। उन्होंने गाड़ी कालेज के सामने रूकवायी और अन्दर चले गये जबकि कार के अन्दर उनका बेटा व चालक बैठा रहा। गाड़ी में ब्राउन कलर के बैग में 9 लाख 60 हजार रूपये, एक रिवाल्वर व दो लाइसेंस रखे थे। इसी दौरान एक व्यक्ति ड्राइवर के पास पहुंचा। बोला कि भाई साहब! बोनट से धुंआ निकल रहा है।
इतना सुनते ही चालक तौफीक घबरा गया। उसने इसकी जानकारी विधायक के बेटे नजीब को दी। तो दोनों कार से निकलकर बोनट खोलने में लग गये। तभी अन्दर रखा बैग टप्पेबाज ने उड़ा दिया। इसकी भनक चालक व विधायक के बेटे को तब लगी जब विधायक प्रिंसिपल से मिलकर कार में आकर बैठ गये और वो काकोरी के लिए चल दिये। हैदरगंज के पास पहुंचे तो पूर्व विधायक ने बेटे व चालक से बैग के बारे में पूछा। बैग कार में न देख उनके होश उड़ गये। बाद में इन लोगों ने बाजारखाला कोतवाली जाकर पुलिस को बताया।
इंस्पेक्टर सुजीत कुमार दुबे फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। छानबीन की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। फिलहाल उन्होंने मामला संदिग्ध बताया है। उनका कहना था कि भीड़भाड़ वाले इलाके में नोटों भरा बैग रिवाल्वर संग कार से कोई कैसे उड़ा सकता है। जब गाड़ी के आसपा चालक व मालिक मौजूद हों।





