चार साल में सांसदों के वेतन-भत्तों में खर्च हुए 19.97 अरब: RTI
ख़बरों के अनुसार (आरआईटी) के खुलासा हुआ है कि, पिछले चार वर्षों में लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों पर सरकारी खजाने के कुल 19.97 अरब रुपए की रकम खर्च की गई है. इस भुकतान का पता लगाने से पता चला है कि आलोच्य अवधि में हर लोकसभा सांसद ने प्रत्येक वर्ष औसतन 71.29 लाख रुपए के वेतन-भत्ते हासिल किए, जबकि हर राज्यसभा सांसद को इस मद में प्रत्येक साल औसतन 44.33 लाख रुपए की अदायगी की गई.
भुगतान की समीक्षा करने की मांग:
इस बीच, सियासी और चुनावी सुधारों के लिए काम करने वाले गैर सरकारी संगठन एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) के संस्थापक सदस्य जगदीप छोकर ने मांग की कि सरकारी खजाने पर बढ़ते बोझ के चलते इस भुगतान की समीक्षा की जानी चाहिए। छोकर ने कहा, ‘सांसदों का वेतन भले ही दस गुना बढ़ा दिया जाए, लेकिन वेतन के अलावा न तो उन्हें किसी तरह का परिवर्तनीय भत्ता दिया जाना चाहिए, न ही मकान, वाहन, भोजन, चिकित्सा, हवाई यात्रा, टेलीफोन और अन्य सुविधाओं पर उनके खर्च का भुगतान सरकारी खजाने से किया जाना चाहिए।





