चाची से थे अवैध संबंध, पता चलने पर चाचा ने किया…

नई दिल्ली: 24 साल के दिव्यांग युवक ने इतनी ही कम उम्र में तीन शादियां की। जिसमें दो पत्नियां घर छोड़कर भाग गई थी।
दोनों के भागने के बाद वह अपने से दस साल बड़ी महिला जो रिश्ते में उसकी चाची लगती थी, के साथ नाजायज संबंध हो गए। जब इसकी भनक महिला के पति यानि दिव्यांग के चाचा को लगी तो उसने बहाने से बुलाकर उसकी बेदर्दी से हत्या कर दी।
दिव्यांग युवक की हत्या का राज उसके मोबाइल से खुल गया। युवक का अपनी चाची से अवैध संबंध था। जिसका पता चलते ही चाचा ने सुपारी देकर भतीजे की हत्या करा दी। हत्या के दिन भी युवक को एक लड़की से मिलाने का लालच दिया गया था।
पुलिस ने शाहावाद निवासी दिव्यांग शंकर दास की हत्या गुत्थी पुलिस ने सुलझा लिया है। विकलांग की ट्राइसाइकिल गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर घटनास्थल से 200 मीटर आगे दक्षिण कुआं से बरामद कर ली गई है। वहीं आरोपी मिरहट्टी के बलेश्वर दास को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही थी।
प्रशिक्षु एएसपी सह थानाध्यक्ष जितेन्द्र कुमार ने हत्या की गुत्थी सुलझाने के बाद शुक्रवार को प्रेस वार्ता कर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस मामले में दोषी मृतक का चाचा पंकज दास सहित शंकर दास, चालक शैलेन्द दास, कन्हैया दास एवं दीपक दास को गिरफ्तार किया गया है। उसने अपना अपराध भी स्वीकार कर लिया है। मृतक दिव्यांग युवक का नाजायाज संबंध अपनी चाची से था, इसके कारण चाचा ने शंकर दास को सुपारी देकर घटना को अंजाम देने के लिए साजिश रची। इसके लिए युवक के चाचा ने 20 हजार रुपए की सुपारी दी। चार अप्रैल को ड्राइवर शंकर ने रात दस बजे फोन करके युवक को बुलाया था। फिर युवक की पत्थर से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद युवक की मां ने 4 के खिलाफ केस दर्ज कराया था।
एएसपी जितेंद्र कुमार ने बताया कि दिव्यांग के मोबाइल नंबर को ट्रेस किया गया, तो घटना की रात ड्राइवर शंकर के नंबर से कई बात करने का मामला सामने आया।
शक के आधार पुलिस ने उसे उठाया। पूछताछ के बाद उसने पूरे मामले का खुलासा कर दिया। उन्होंने बताया कि दिव्यांग को लड़कियों का शौक था। शंकर ने दिव्यांग को लड़की मुहैया करने की लालच देकर बुलाया था। आरोपी शंकर दास और शैलेंद्र दास ने पहले दिव्यांग का चाकू से गला काटा। फिर बाकी आरोपियों ने पत्थर से चेहरे को कूच मार डाला। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।





