चंडीगढ़ छेड़खानी मामला: दोनों आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने जारी किया था समन

चंडीगढ़ में वर्णिका कुंडू के साथ हुए छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने आरोपी विकास बराला और उसके दोस्त आशीष को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों आरोपी पुलिस से समन मिलने के बाद चंडीगढ़ सेक्टर-26 थाने में पेशी के लिए आए थे. दोनों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 354D, 341 और 34 के तहत केस दर्ज किया गया था. अब भारी दबाव के बीच पुलिस ने उनके खिलाफ गैर-जमानती धाराएं 365 और 511 को भी जोड़ दिया है.
जानकारी के मुताबिक, चंडीगढ़ पुलिस ने पूछताछ के लिए आरोपी विकास बराला और उसके दोस्त आशीष को समन जारी किया था. इसमें आज 11 बजे से उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया था. विकास ने पहले समन लेने से इंकार कर दिया, तो उसके सेक्टर-7 स्थित घर पर पुलिस ने समन चिपका दिया था. लेकिन आज 11 बजे तक आरोपी थाने नहीं पहुंचे तो चंडीगढ़ पुलिस हरियाणा के टोहाना जिले में स्थित बराला के फार्म हाउस पर छापा मारा था.
मेडिकल रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि विकास बराला और आशीष वारदात के समय पूरी तरह नशे में थे. उसने जांच के लिए अपने यूरिन और ब्लड सैंपल देने से इंकार कर दिया था. इसके बाद ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने विकास से आ रही बदबू और अन्य ऑब्जर्वेशन के आधार पर पाया कि दोनों आरोपी शराब के नशे में धुत हैं. आईजी चंडीगढ़ का कहना है कि आरोपियों द्वारा सैंपल नहीं दिया जाना, उनके खिलाफ जा सकता है. इसकी जांच अहम मोड़ पर है.
मेडिकल जांच करने वाले डॉक्टर ने किया खुलासा
मेडिकल करने वाले डॉक्टर हरजोत सिंह ने बताया कि विकास और आशीष को गिरफ्तार करने के बाद चंडीगढ़ पुलिस मनी माजरा के सिविल हॉस्पिटल में मेडिकल कराने के लिए लेकर आई थी. पुलिस ने ऐसी कोई रिक्वेस्ट नहीं की थी कि आरोपियों का यूरिन या ब्लड सैंपल लिया जाए. आरोपियों ने यूरिन और ब्लड सैंपल देने से मना कर दिया था. इसके बाद डॉक्टर ने सूंघ कर मेडिकल रिपोर्ट तैयार किया. यूरिन और ब्लड टेस्ट से केस और मजबूत हो सकता था.
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चंडीगढ़ पुलिस ने हासिल किया 5 सीसीटीवी फुटेज
इससे पहले पुलिस ने पांच जगहों से सीसीटीवी फुटेज हासिल करने का दावा किया है. इसमें एक फुटेज एक कार का एसयूवी द्वारा पीछा करना दिख रहा है. ग्यारह सेकेंड के फुटेज में वाहन में बैठे लोगों या वाहन के नंबर स्पष्ट रूप से नहीं दिख रहे हैं. पुलिस का ये भी कहना था कि 9 जगह पर लगे सीसीटीवी कैमरों में से 5 सीसीटीवी कैमरे खराब थे और बाकी 4 सीसीटीवी कैमरों में कुछ खास रिकॉर्ड नहीं हुआ. इस केस में सीसीटीवी फुटेज अहम साबित हो सकते हैं.





