घुसपैठ संबंधी सवाल पर जनरल रावत ने कहा-J&K में सरहद पार से घुसपैठ में दो कारणों से आई कमी

कारगिल विजय दिवस के 20 साल पूरे होने पर मुख्य समारोह में हिस्सा लेने द्रास पहुंचे थलसेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने पाकिस्तान को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि वह दोबारा 1999 जैसा दुस्साहस न करे। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा यकीन है कि वह ऐसी हिमाकत दोबारा नहीं करेगा और अगर करेगा तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। हम उसे पूरी तरह खदेड़ देंगे। करगिल युद्ध पाकिस्तान का एक बड़ा दुस्साहस था।

द्रास में पत्रकारों से बातचीत में जनरल रावत ने कहा कि 1999 में पाकिस्तान ने भारतीय राजनीतिक नेतृत्व और सुरक्षाबलों की इच्छा और सद्भावना का सम्मान नहीं किया था। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जिस भी ऊंची चोटी और पहाड़ी पर कब्जा कर ले, हम उसे वहां से खदेड़ देंगे। बेहतर यही है कि पाकिस्तान ऐसा कुछ करने की हिमाकत न करे। पाकिस्तानी सेना को सचेत रहने की जरूरत है, क्योंकि हम भी इस तरह की कार्रवाई करने में पूरी तरह समर्थ हैं। आज हमारे हथियार, साजो सामान पहले से कहीं ज्यादा बेहतर हैं। हमारा सिक्योरिटी ग्रिड बहुत मजबूत है, हमारे जवानों का मनोबल बहुत ऊंचा है। उन्होंने कहा कि हम अपनी सीमाओं की रक्षा करने में पूरी तरह समर्थ हैं। भविष्य में अगर युद्ध हुआ तो वह दुश्मन के लिए बहुत ज्यादा विनाशकारी और उसकी सोच से परे होगा।

हम इमरान खान के बयानों के बहकावे में नहीं आने वाले :

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा पुलवामा हमले के संदर्भ में दिए गए बयान पर उन्होंने कहा कि हम सच्चाई को अच्छी तरह जानते हैं। हमारे खुफिया तंत्र ने हर बात साबित की है। इसलिए हम पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के दावों और बयानों के बहकावे में नहीं आने वाले।

आतंकी सीमा के करीब भी पहुंचे तो उनकी लाश ही उठेगी :

घुसपैठ संबंधी सवाल पर जनरल रावत ने कहा कि जम्मू कश्मीर में सरहद पार से घुसपैठ में दो कारणों से कमी आई है। पहला- हमारे जवान पूरी तरह सजग और सतर्क हैं। दूसरा हमने अपने घुसपैठरोधी तंत्र को मजबूत बनाने के लिए अतिरक्त बल तैनात किए हैं, ताकि पाकिस्तानी सेना और आतंकियों को अच्छी तरह समझ आ जाए कि अगर वह नियंत्रण रेखा के करीब भी पहुंचे तो फिर उनकी लाश ही उठेगी।

हम हथियारों के निर्माण की अपने देश में संभावनाएं तलाश रहे :

जनरल रावत ने देश में सैन्य साजो सामान व हथियारों के निर्माण से संबंधित सवाल पर कहा कि मेक इन इंडिया शुरू हो चुका है। भारत में अब हेलीकॉप्टर बनना शुरू हो चुके हैं। अब हम हथियार व गोलाबारूद के निर्माण की अपने देश में ही संभावनाओं को तलाश रहे हैं। अमेठी में रूस के साथ साझेदारी में एके 203 के निर्माण की इकाई शुरू होगी। हमें खुशी होगी अगर कोई हमारे साथ अपनी तकनीक और प्रौद्योगिकी को बांटेगा, अगर कोई मुल्क ऐसा करता है तो उसे बहुत लाभ होगा, क्योंकि हमारे पास एक बड़ा बाजार है। अगर भारतीय सेना कोई हथियार का परीक्षण करती है तो उसी समय पूरी दुनिया में अपनी धाक जमा लेगा।

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