घट रहा है वनडे क्रिकेट का रोमांच, छोटी टीमें बन रहीं बड़ी वजह !
डेस्क. भले ही एशिया कप के बेहद रोमांचक फाइनल का नतीजा आखिरी गेंद पर निकला हो पर बीते कुछ सालों में एकतरफा मैचों के कारण वनडे क्रिकेट का रोमांच खत्म हो रहा है। छोटी टीमों को प्रमोट करना और घरेलू पिचों को सिर्फ अपने हिसाब से तैयार करना इसकी सबसे बड़ी वजह हैं।
छोटी टीमें बड़ी वजह
आईसीसी की छोटी टीमों को बड़े मंच पर लाने की कवायद टीमों के बड़े अंतर और वनडे को नीरस बनाने की सबसे बड़ी वजह है। पिछले कुछ सालों में बरमूडा, हांगकांग, जिम्बाब्वे केन्या और बांग्लादेश पर सबसे बड़ी जीत दर्ज की गई।
बांग्लादेश कागजी शेर
बांग्लादेश भले बड़ी टीमों को टक्कर देने लगी है। पर उसकी जीत का औसत काफी कम 0.49 है। बांग्लादेश ने बीते तीन साल में काफी सुधार किया। पर कुल मिलाकर वे 349 मैचों में से 113 ही जीत सके हैं।
जिम्बाब्वे में जज्बा नहीं
हीथ स्ट्रीक के दौर के बाद रंगभेदी नीतियों के कारण जिम्बाब्वे का क्रिकेट पटरी से उतर चुका है। उसकी जीत का औसत सिर्फ 0.37 है। 511 मैचों के विशाल अनुभव के बावजूद उसे 134 में ही जीत मिली। हाल यह है कि उसकी रैंकिंग मात्र 2 अंक के साथ दसवें स्थान पर लुढ़क चुकी है।
टी-20 की लोकप्रियता
टी-20 क्रिकेट की लोकप्रियता की सबसे बड़ी वजह इसका कम समय में नतीजा आना है। यहां सिर्फ साढ़े तीन घंटे में नतीजा सामने आ जाता है। साथ ही यहां एकतरफा बहुत कम देखने को मिलते हैं।
चिंताजनक फासला
– 80 के दशक में 12% मैच 100 रन से ज्यादा के अंतर से जीते गए
– 100 रन के जीत का अंतर 30.16% हो चुका पिछले तीन साल में
– 90 के दशक में जीत का यह फासला 16% था
– 5.59 फीसदी से बढ़कर 20% हो गया गेंदों के अंतर से मैच जीतने का प्रतिशत भी





