गौरी लंकेश मर्डर की हो उच्च स्तरीय जांच: यूपीसैक

आईएफडब्ल्यूजे ने घटना की सीबीआई जांच करवाने की मांग की
वरिष्ठ पत्रकार की हत्या पर सभी स्तब्ध

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य मान्यता प्राप्त समिति (यूपीसैक) ने बेंगलुरू में वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की क्रूरता पूर्वक हत्या की कड़ी निंदा की है। समिति ने इस घटना को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को नियंत्रित करने और उसकी आवाज को जबरन दबाने वाला कृत्य करार दिया है। यूपीसैक के अध्यक्ष प्रांशु मिश्रा ने घटना की उच्चस्तरीय जांच करवाने की मांग की है। वहीं आईएफडब्ल्यूजे के अध्यक्ष के विक्रम राव ने भी पत्रकार की हत्या पर दुख व्यक्त करने के साथ ही कड़ा विरोध जताया है। साथ ही गौरी लंकेश की हत्या में शामिल सभी अपराधियों को बेनकाब करने और उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।
उत्तर प्रदेश राज्य मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के उपाध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि गौरी लंकेश की हत्या के पीछे कोई गहरी साजिश लग रही है। इसकी बड़ी वजह गौरी लंकेश की बेखौफ रिपोर्टिंग और गलत काम करने वालों को बेनकाब कर जनता के सामने लाने का जज्बा था, जिससे घबराकर बदमाशों ने उनकी हत्या की है। इसलिए यूपीसैक मांग करती है कि गौरी लंकेश के हत्यारे बेनकाब हों। यूपीसैक की ओर से सचिव नीरज श्रीवास्तव, संयुक्त सचिव अजय श्रीवास्तव और समिति के सदस्यों मुदित, माथुर, काजिम रजा, आशीष श्रीवास्तव, राम दत्त त्रिपाठी, हिसाम सिद्दीकी, शरत प्रधान और अन्य लोगों ने कर्नाटक सरकार से पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं आईएफडब्लूजे के महासचिव एचबी मदन गौड़ा ने घटना की सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने बिहार में पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या की नीतीश सरकार की तरफ से सीबीआई जांच करवाये जाने का हवाला भी दिया है। इतना ही नहीं आईएफडब्ल्यूजे के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रस्ताव अगले सत्र में लाने की मांग भी रखी है।
हर तरफ हो रही निंदा
वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या की चौतरफा कड़ी निंदा हो रही है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि ‘सच्चाई को कभी खामोश नहीं किया जा सकता। गौरी लंकेश हमारे दिलों में बसती हैं। मेरी संवेदनाएं और प्यार उनके परिवार के साथ हैं। दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।’कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, जानी-मानी पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के बारे में जानकर स्तब्ध हूं। इस जघन्य अपराध की निंदा करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। ये लोकतंत्र की हत्या है। उनके निधन से कर्नाटक ने एक मजबूत प्रगतिशील आवाज खो दी है और मैंने एक दोस्त खो दिया है। कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल, केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी महिला पत्रकार की हत्या पर शोक व्यक्त किया है। दिल्ली में प्रेस क्लब ऑफ इंडिया और विमन्स प्रेस क्लब (आईडब्ल्यूपीसी) ने पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या की कड़े शब्दों में निंदा की है। आम आदमी पार्टी के संजय सिंह ने ट्विटर पर लिखा है कि लंकेश जी की हत्या पर मोदी भक्त निखिल दधीच का घटिया ट्विट देखिये, देश के पीएम इसको फॉलो करते हैं। टीवी वालों जागो कल ये तुम्हारे साथ भी हो सकता है। गौरतलब है कि हिंदुत्ववादी राजनीति के खिलाफ खुलकर विचार जाहिर करने वाली वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की मंगलवार को राज राजेश्वरी इलाके में उनके घर पर अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। गौरी कन्नड़ टैब्लॉयड ‘गौरी लंकेश पत्रिका’ का संपादन करती थीं। वह अपनी बेबाक लेखनी के लिए जानी जाती थीं।
गौरी को किसने मारा
ब्रॉडकास्ट एडिटर्स एसोसिएशन के महासचिव अजीत अंजुम ने अपनी फेसबुक वाल पर लिखा है कि मुझे नही मालूम गौरी लंकेश को किस धारा ने मारा /किस विचारधारा ने मारा/ किस वाद ने मारा /किस विवाद ने मारा …मैं सिर्फ इतना मानता हूं कि अगर उनके विचारों की वजह से उन पर गोलियां चली है तो नाकाबिले बर्दाश्त है … बहस -विवाद -संवाद -आलोचना ही लोकतंत्र की ख़ूबसूरती है …जांच हो और जल्द से जल्द पूरे मामले का ख़ुलासा हो ..कातिल दबोचे जाएं…गौरी को इसने मारा, किसने मारा ..मैं बिना तथ्यों के अपना फैसला सुनाए बगैर सिर्फ इतना कहता हूं कि गौरी को जिसने भी मारा , उसे दबोचा जाए …और अगर उनके विचारों और विरोध की सजा उन्हें गोलियों से मिली है तो बहुत चिंता की बात है। मैं गौरी के बारे में ज्यादा नहीं जानता ..उनके विचारों से मेरे विचार मिलते हों , ज़रूरी नहीं लेकिन उनकी हत्या का विरोध देश हित में ज़रूरी है …हैरत इस बात की है कि गौरी के कत्ल को बहुत से लोग सही ठहराने में लगे हैं …इनमें वो लोग भी हैं जो गांधी के हत्यारे गोडसे के पक्षधर हैं ..कुछ लोगों ने मेरी पोस्ट के जवाब में भी गोडसे को सही और गांधी को गलत साबित करने की कोशिश की है ..उनसे बहस में ऊर्जा खपाने से बेहतर हैं , उन्हें ब्लॉक करें …वो अपनी दुनिया में गोडसे बनकर जिंदा रहें और कत्ल करने के लिए गांधी की तलाश करते रहें …गोडसे बनना आसान हैं , गांधी तो सदियों में एक बार ही पैदा होता है …।





