गेमचेंजर रही उज्ज्वला, इस बार भी कुछ नया लायेगी मोदी सरकार?

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) मोदी सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी और कारगर योजना मानी जाती है. इस योजना से देश के करोड़ों गरीब महिलाओं को जीवन बदला है और उन्हें धुएं वाले चूल्हे से मुक्ति मिली है. बदले में पीएम मोदी को गरीबों का जबरदस्त समर्थन मिला है और बीजेपी के दूसरी बार बंपर सीटों से जीत कर सत्ता में आने की एक बड़ी वजह ऐसी योजनाएं भी हैं.

इसलिए अब सबकी नजर इस बार के बजट पर है, खासकर इस बात पर कि भारी जनमत से दूसरी बार सत्ता में आई मोदी सरकार इस बार गरीबों के लिए कौन सा गेमचेंजर प्लान लाती है. उज्ज्वला को विस्तार देने के लिए क्या किया जाएगा? क्या ऐसी कोई और योजना आएगी?
क्या है उज्ज्वला योजना
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना यानी PMUY के तहत सरकार गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों की महिलाओं को घरेलू रसोई गैस (LPG) का मुफ्त कनेक्शन देती है. यह स्कीम 1 मई 2016 को शुरू की गई थी. PMUY के तहत 8 करोड़ गैस कनेक्शन देने का लक्ष्य है और अब तक करीब 7 करोड़ मुफ्त एलपीजी कनेक्शन दिए जा चुके हैं.
उज्ज्वला में क्या बदलाव हो सकता है
केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना से कमजोर वर्ग के परिवारों खासकर महिलाओं को बहुत राहत मिली है. इसे 1 मई 2016 को उत्तर प्रदेश के बलिया में लॉन्च किया गया था. अब देखना यह है कि इसमें वित्त मंत्री और क्या नया करती हैं? इसका दायरा किस तरह से बढ़ाया जा सकता है. पिछले साल के बजट में इसका लक्ष्य 8 करोड़ कनेक्शन का किया गया था, इस बार लक्ष्य और बढ़ाया जा सकता है.
इस योजना की एक शिकायत यह आती है कि गरीबों को सिलिंडर रिफिल कराने में समस्या आती है. हो सकता है कि इसके लिए वित्त मंत्री कोई घोषणा करें. असल में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों को हर कनेक्शन के लिए 1600 रुपये की मदद दी जाती है. गैस कनेक्शन परिवार की महिला सदस्य के नाम पर होता है. लेकिन आगे सिलिंडर भराने के लिए इन गरीबों के पास पैसा नहीं होता. इसलिए कई परिवारों में गैस चूल्हे और सिलिंडर ऐसे ही पड़े रह जाते हैं.
100 फीसदी बीपीएल परिवारों तक गैस कनेक्शन के लिए बजट में दो से तीन हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त इंतजाम किया जा सकता है. इसके अलावा सरकार, पांच किलो के छोटे सिलेंडर भी देने की योजना बना रही है ताकि रीफिलिंग बढ़ सके. पेट्रोलियम मंत्रालय की स्टडी में भी कहा गया है कि 14.2 किलो का गैस सिलेंडर भरवाना गरीब परिवारों के लिए महंगा पड़ रहा इसलिए पांच किलो के गैस सिलेंडर देने की योजना बनाई जा रही है. इसे भरवाना सस्ता पड़ेगा.
गरीबों के रोजगार पर देना होगा जोर
मोदी सरकार महिलाओं और खासकर गरीब महिलाओं की जीवन स्थिति सुधारने पर जोर देती रही है. साल 2018 में इकोनॉमिक सर्वे गुलाबी रंग के कवर के साथ आया था, जिसे इस रूप में देखा गया कि मोदी सरकार लैंगिक रूप से संवदेनशील है. जनधन योजना, उज्ज्वला योजना आदि सभी का सबसे ज्यादा फायदा गरीब महिलाओं को ही मिला है. अब यह देखना दिलचस्प है कि बजट में गरीब महिलाओं के लिए कौन-सी बड़ी योजना लाई जाती है.
यह भी हो सकता है कि इस बार मोदी सरकार गरीब नहीं बल्कि मध्यम वर्गीय महिलाओं, हाउसवाइफ को लेकर किसी बड़ी योजना का ऐलान करे. या गरीब पुरुषों के लिए किसी बड़ी योजना का ऐलान हो सकता है जिनसे उनके रोजगार और जीवन स्तर में सुधार हो सके. गरीबों के रोजगार साधन पर जोर देना इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि मुद्रा आदि योजनाओं का लाभ मध्यम वर्गीय युवाओं को मिल रहा है.





