गुजरात से ISIS के दो संदिग्ध गिरफ्तार, ‘लोन वुल्फ अटैक’ की साजिश नाकाम


गुजरात एटीएस के डिप्टी एसपी केके पटेल के मुताबिक ये संदिग्ध पिछले 18 महीने से सर्विलांस पर थे। वो सोशल मीडिया और अन्य मैसेजिंग एप्स- ट्विटर फेसबुक, टेलीग्राम का इस्तेमाल आईएस से संपर्क साधने के लिए कर रहे थे। गिरफ्तार किए गए दोनों ही भाई कंप्यूटर के अच्छे जानकार हैं। इनके पास से गन पाउटर और विस्फोटक बनाने की जानकारी देने वाले दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।
हालांकि भारत के पड़ोसी देशों बांग्लादेश और पाकिस्तान में आईएसआईएस ने कुछ हमलों को अंजाम जरूर दिया है। जिसमें हालिया तौर पर शाहबाज कलंदर की दरगाह में हुआ आत्मघाती हमला शामिल है। 14 फरवरी को, एनआईए ने केरला के रहने वाले मोईनुद्दीन प्रकादवत को राज्य के भीतर आईएसआईएस का मॉड्यूल चलाने के संबंध में गिरफ्तार किया था।
मोईनुद्दीन को इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उस वक्त गिरफ्तार किया गया था जब वो अबू धाबी से भारत आया। पिछले साल राजस्थान एटीएस ने आईएसआईएस संदिग्ध को सिकार जिले से गिरफ्तार किया था। इस पर आरोप था कि ये आतंकी संगठन के लिए दुबई से फंड ट्रांसफर कर रहा था।





