केदारनाथ की तरह एक बार फिर उत्तराखंड में आई बाढ़, चीन सीमा पर सेेना के तीन ट्रक बहे


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मालपा में नाला ऊफान पर आने से तीन होटल बहने की भी खबर है। चीन सीमा पर दूरस्थ इलाका होने के कारण राहत-बचाव कार्य में भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मालपा में इतनी बड़ी त्रासदी में दर्जनों लोगों के घायल होने की खबर है। आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव अमित नेगी ने बताया कि मालपा में बादल फटने की घटना में छह लोगों की मौत की खबर है। वहीं पांच जवानों सहित नौ लोग लापता हैं।
आपदा के मद्देनजर देहरादून के जौलीग्रांट अस्पताल व हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल को अलर्ट जारी कर दिया गया है।
पांगला से लेकर मालपा तक जगह-जगह भूस्खलन से भारी तबाही मची। यह मार्ग कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग है। मालपा नाले के दूसरी और कैलास मानसरोवर यात्रियों को दिन का भोजन यही पर कराया जाता है।
भारत चीन व्यापार में जाने वाले और उच्च हिमालयी गावो के लोग धारचूला आने जाने के दौरान रात्रि विश्राम भी करते हैं।
इस घटना में सात कैलाश मानसरोवरी यात्रियों के साथ करीब 300 लोगों की मौत हुई थी।
इसके साथ ही जुलाई 2006 में भी इस क्षेत्र में बादल फटा था, जिसमें 16 खच्चर बह गए थे और तीन लोगों की मौत हो गई थी।





