कुमार विश्वास और किरण रिजिजू के बीच शुरू हुआ ट्विटर वार

मोदी सरकार के केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू का पर अरुणांचल प्रदेश हाइड्रा प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों के बाद आम आदमी पार्टी नेता कुमार विश्वास ने ट्विटर पर टिप्पणी की। इसके बाद किरण रिजिजू ने भी उसका जवाब देकर ट्विटर वार शुरू कर दिया। कुमार विश्वास ने अपने ट्विटर एकाउंट से लिखा, ‘कांग्रेस से बीजेपी की यात्रा का मतलब जीजू से रिजीजू है।

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इसपर किरण रिजिजू ने भी जवाब दिया। उन्होंने ट्विटर पर कुमार विश्वास को मेंशन करते हुए लिखा, ‘कुमार विश्वास जी, सच सामने आ चुका है। जो मुद्दा कांग्रेस ने उठाया वो उनकी सरकार के कार्यकाल में ही हुआ है। अब आप क्या कहना चाहेंगे?’ इस जवाब के बाद कुमार विश्वास चुप नहीं बैठे। उन्होंने फिर जवाब में लिखा कि ‘किरण रिजिजू सर, जीजू हों या रिजिजू, आप लोग भाग्यशाली हैं कि सभी मामलों से जल्दी निकल जाते हैं। न्याय के लिए तो हम जैसे लोगों को भटकना पड़ता है।’ पहले देखिए ये सारे ट्वीट फिर हम आपको बताते हैं कि आखिर किस मामले में फंस गए हैं मोदी सरकार के केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू। 

क्या है पूरा मामला…?
उत्तर पूर्व विद्युत परियोजना के मुख्य सतर्कता अधिकारी सतीश वर्मा ने इस साल जुलाई में अपनी 129 पन्नों की रिपोर्ट सौंपी। यह रिपोर्ट उन्होंने सीबीआई, केंद्रीय सतर्कता आयुक्त और केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय को सौंपी। इस रिपोर्ट में कहा गया कि 600 मेगावॉट क्षमता वाली कमेंग विद्युत परियोजना के लिए दो बांधों के निर्माण में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाया है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि बांध के निर्माण में भारीय अनियमितता बरती गई है और फर्जी कीमत के बिल तैयार किए गए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक शुरुआती जाँच में इन सब बातों का पता लगने के बाद परियोजना के बिलों का भुगतान रोक दिया गया था। इसके बाद रिजिजू ने इस मामले में ऊर्जा मंत्रालय को पत्र लिखकर इसकी प्राथमिकता से जांच करने का अनुरोध किया था। किरण रिजिजू का कहना था कि मैंने स्थानीय ठेकेदारों से मिली अर्जी पर विचार करते हुए पत्र लिखा था। मुझे इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि परियोजना में किसी किस्म का भ्रष्टाचार हो रहा है। मेरे हिसाब से अगर परियोजना में किसी तरह का कोई भ्रष्टाचार हुआ है तो उसकी जांच होनी चाहिए और दोषियों को सख्त मिलनी चाहिए। फिर चाहे वे कोई भी हों।

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