और भी महंगा होगा केबल टीवी देखना, ये है बड़ी वजह…

केबल टीवी के लिए TRAI के नियम दो महीने पहले से लागू हो चुके हैं. नए नियम के तहत दावा किया गया है इससे कस्टमर्स और ऑपरेटर्स दोनों को फायदा होगा और ये पहले के मुकाबले ट्रांस्पेरेंट भी रहेगा. हालांकि कई लोग शिकायत करते रहे हैं कि उनके पास पहले से ज्यादा बिल आ रहा है और चैनल भी पहले से कम हैं.
हालांकि कस्टमाइज चैनल प्लान बेच कर डीटीएच ऑपरेटर्स मुनाफा कमा रहे हैं. लेकिन फिर भी उनकी कमाई पहले जैसी नहीं रही है. अब एक नई रिपोर्ट आ रही है जो केबल टीवी देखने वालों के लिए नागवार गुजर सकती है.
TOI की एक रिपोर्ट के मुताबिक कोलकाता में टीवी ऑपरेटर्स ने TRAI को एक प्रोपोजल दिया है जिसमें कस्टमर्स से सर्विस चार्ज लेने का प्रोविजन है. बताया गया है कि ये सर्विस चार्ज केबल टीवी के मेनटेनेंस के लिए कस्टमर्स से सर्विस चार्ज के तौर पर पैसे लिए जा सकते हैं.
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि TRAI के नए रेग्यूलेशन के बाद केबल टीवी ऑपरेटर्स के रेवेन्यू में कमी देखी गई है और ये कमी 45 फीसदी तक की है.
इस नए रेग्यूलेशन के तहत ऑपरेटर्स को 99 रुपये के मिनिमम चार्ज पर चैनल्स देने होते हैं, पहले ऐसा नहीं था. ट्राई ने मैक्सिमम लिमिट सेट की है जो बेस पैक के लिए है और इसके लिए 130 रुपये की राशी तय की गई है. इसमें कस्टमर्स अलग से चैनल ऐड कर सकते हैं.
नए रेग्यूलेशन में चैनल की कीमतें थोड़ी बढ़ी हैं, हालांकि प्रॉफिट सीधे ब्रॉडकास्टर्स को जाता है और केबल टीवी ऑपरेटर्स को सिर्फ 20 फीसदी ही मिल पाता है. इसकी वजह से ट्राई की नई गाइडलाइन के बाद कई केबल टीवी ऑपरेटर्स में भी कमी आई है.
अभी के लिए टीवी ऑपरेटर्स ने 20 से 25 रुपये सर्विस चार्ज लेने के लिए प्रोपोजल दिया है. इस सर्विस चार्ज की वजह से केबल टीवी ऑपरेटर्स बिना किसी रूकावट के कस्टमर्स को सर्विस देते रहेंगे, ऐसे केबल ऑपरेटर्स का कहना है.
अगर ट्राई ने केबल ऑपरेटर्स की बात मान ली तो जाहिर टीवी देखना और महंगा हो सकता है. क्योंकि कुछ कस्टमर्स के लिए ऐसे भी ट्राई की नई गाइडलाइन के बाद बिल बढ़ गया है और ये सर्विस चार्ज के बाद उनकी और भी जेब हल्की हो सकती है.





