ऑस्ट्रेलिया के जेली फिश का आतंक, 3500 लोगों को बनाया शिकार

ऑस्ट्रेलिया के कई समुद्री तट पर जहरीली जेली फिश के आतंक की वजह से बंद कर दिए गए हैं। खबर है कि सिडनी के समुद्री तट पर जहरीली जेली फिश ने 3,500 से ज्यादा लोगों को डंक मार कर घायल कर दिया है। 

ब्लूबॉटल जेलीफिश आमतौर पर समुद्र में दूर-दराज यानी बीच के स्थान पर रहती है लेकिन पिछले दिनों चली समुद्री हवा की वजह से यह पिछले कुछ हफ्तों में किनारे पर आ गईं। पिछले कुछ दिनों में बीच जाने वाले लोगों को ब्लू बॉटल जेलीफिश ने अपना शिकार बनाया है। कोस्टगार्ड एसोसिएशन के मुताबिक, अब तक 3500 लोगों को जेली फिश ने अपना शिकार बनाया है। 

बता दें कि ऐसा पहलीबार हुआ है जब इतनी बड़ी संख्या में जेलीफिश ने लोगों पर हमला बोला है। क्वींस लैंड लाइफगार्ड के संयोजक कलान लोविट ने बताया कि हमने काफी समय से इतनी बड़ी संख्या में जेली फिश के हमले को नहीं देखा है। दिसंबर एक तक 22,787 जेलीफिश समुद्र के किनारे पर रिकॉर्ड की गई हैं पिछले साल इसी दौरान करीब 6831 मछलियां रिकॉर्ड की गई थीं।
  
बता दें कि जेली फिश काफी जहरीली होती हैं। जेली फिश के डंक मारने के बाद लोगों को शरीर में असहनीय जलन होती है। साथ ही पीड़ित को उल्टी और जी मिचलाने की भी शिकायत करते हैं। समुद्री तट पर लोगों को जेली फिश के आक्रमण से सावधान रहने की सलाह देने वाले साइनबोर्ड लगा दिए गए हैं। हर साल ऑस्ट्रेलिया में जेली फिश द्वारा लोगों को डंक मारने की दस हजार से ज्यादा मामले सामने आते हैं। हाल ही में तेजी से जेलीफिश के समुद्री तट पर पहुंचने का मुख्य कारण तेज गति से उत्तर-पूर्वी दिशा में तेज हवा का चलना माना जा रहा है। 

क्विंसलैंड ग्रिफिथ विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इनवायरमेंट एंड साइंस ब्लूबॉटल फिश पर शोध कर रही है। और यह पाया गया है कि बदलते क्लाइमेट की वजह जेलीफिश समुद्र किनारे की तरफ आ रही हैं। 

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